जगतपुरा में लंबे समय से पुलिस चौकी की जमीन पर अवैध रूप से बनाए गए मकानों को डीएम के निर्देश पर ध्वस्त कर दिया गया। विरोध की आशंका को देखते हुए मौके पर भारी संख्या में पुलिस बल तैनात किया गया।
बृहस्पतिवार को डीएम के आदेश पर ट्रांजिट कैंप थाना पुलिस, स्थानीय प्रशासन, पीएसी और नगर निगम की टीम ने अतिक्रमण के खिलाफ कार्रवाई की। नगर निगम की जेसीबी ने अतिक्रमण कर बनाए गए सोमवती, इरशाद, शकील और निसार के मकानों को ध्वस्त कर दिया।
अतिक्रमणकारियों ने पुलिस चौकी की जमीन को दो तरफ से कब्जा लिया था। प्रशासन के मुताबिक, जगतपुरा में पुलिस चौकी निर्माण के लिए पुलिस विभाग को 800 वर्ग मीटर से अधिक नजूल भूमि नगर निगम से हस्तांतरित की गई थी लेकिन समय पर पुलिस चौकी निर्माण न होने के कारण अतिक्रमणकारियों ने यहां कब्जे कर लिए थे।
ट्रांजिट कैंप थानाध्यक्ष जीबी जोशी ने कहा कि डीएम के निर्देश पर अतिक्रमणकारियों के खिलाफ कार्रवाई की गई। जल्द ही पुलिस चौकी का निर्माण किया जाएगा। वहां ट्रांजिट कैंप थानाध्यक्ष जीबी जोशी, नगर निगम के कर निरीक्षक बीसी रेखाड़ी, कानूनगो भरतलाल, पटवारी जगदीश दिगारी, मुकेश कुमार, जियालाल समेत भारी संख्या में पुलिस फोर्स मौजूद रही।
अतिक्रमण टूटता देख महिला हुई बेहोश
रुद्रपुर। अतिक्रमण तोड़ने के दौरान सोमवती अचानक बेेहोश हो गई। अफरातफरी में पुलिस ने उसे जिला अस्पताल में भर्ती कराया। ट्रांजिट कैंप थानाध्यक्ष जोशी ने कहा कि महिला ने पुलिस चौकी की जमीन पर कब्जा कर मकान बनाया था। संभवत: महिला सदमे से बेहोश हो गई थी। उसे जिला अस्पताल में भर्ती करा दिया गया। उपचार के बाद महिला की हालत सामान्य है। उधर होश में आने पर महिला ने उसे करंट लगाए जाने का आरोप लगाया। हालांकि पुलिस ने उस आरोप को सिरे से नकार दिया। साथ ही अतिक्रमणकारियों ने बगैर नोटिस अतिक्रमण के खिलाफ कार्रवाई करने का आरोप लगाया।
सुल्तानपुर पट्टी। हाईकोर्ट की ओर से सुल्तानपुर पट्टी में तालाब की भूमि से अतिक्रमण हटाने के निर्देश के बाद अतिक्रमणकारियों में खलबली मच गई है। इधर दुकानदारों ने नगर पंचायत कार्यालय में ज्ञापन सौंपकर कहा कि उन्होंने अतिक्रमण नहीं किया है। पंचायत की ओर से दी गई दुकानों में वे व्यापार कर रहे हैं। उन्होंने न्याय दिलाने की मांग की है।
ऊधमसिंह नगर निवासी मो. अकरम ने जनहित याचिका दायर कर कहा था कि सुल्तानपुर पट्टी में तालाब की करीब 46 एकड़ भूमि पर
लोगों ने अतिक्रमण कर कांप्लेक्स बना दिया है। हाईकोर्ट ने तालाब की भूमि से अतिक्रमण हटाने के निर्देश दिए हैं। इससे अतिक्रमणकारियों में खलबली मची हुई है। वहीं तालाब की सरकारी भूमि पर विभिन्न सरकारी और निजी संस्थानों की ओर से किए गए अतिक्रमणों पर भी खतरे के बादल छा गए हैं।
इधर सरकारी भूमि पर नगर पंचायत की दुकानों में व्यापार कर रहे दुकानदारों ने नगर पंचायत कार्यालय में ज्ञापन दिया। व्यापारियों ने कहा कि वे नगर पंचायत की ओर से दी गई दुकानों का एक मुश्त शुल्क जमा करते हैं। उनके पास जितनी भी दुकानें हैं, वे सभी खुली बोली में ली गई हैं। दुकानदारों ने किसी भी तरह का अतिक्रमण नहीं किया है।
सभी दुकानें नगर पंचायत ने उन्हें दी है। ज्ञापन सौंपने वाले में नकुल अग्रवाल, शिव कुमार गुप्ता, जफर अहमद, अजय सक्सेना, अरविंद मौर्य, विपिन अग्रवाल, मो. रफी, राजेश कुमार, जीवन सिंह, अंकुर गुप्ता आदि थे। इधर बुधवार को सुल्तानपुर पट्टी चौकी इंचार्ज दिनेश फर्त्याल ने राजस्व कर्मियों के साथ पुरानी पुलिस चौकी साप्ताहिक बाजार में नापाई कराई।
पक्के निर्माण, छज्जे और टिनशेड हटाने के निर्देश दिए
गदरपुर। मुख्य बाजार में अतिक्रमण हटाए जाने के संबंध में एसडीएम विवेक प्रकाश ने बुधवार को तहसील मुख्यालय में व्यापारियों के साथ बैठक की। एसडीएम ने मुख्य बाजार में मार्ग के दोनों तरफ 9-9 मीटर तक हटाए गए अतिक्रमण के बाद निर्धारित सीमा में रह गए पक्के निर्माण, छज्जे और टिनशेड को हटाए जाने को कहा।
कुछ व्यापारियों ने निर्धारित सीमा तक अतिक्रमण हटाने और नाली निर्माण के बाद हुए पैमाइश के कार्य पर आपत्ति दर्ज कराई।
इस पर एसडीएम ने नगरपालिका के ईओ हरिचरण सिंह को पैमाइश कर रिपोर्ट देने के निर्देश दिए। बैठक में एनएचएआई के अधिकारियों के न पहुंचने पर एसडीएम विवेक प्रकाश ने नाराजगी जताई।
वहां व्यापार मंडल अध्यक्ष पंकज सेतिया, श्यामलाल सुखीजा, धर्मचंद खेड़ा, संजीव डोडा, अशोक छाबड़ा, राजेश गुंबर, विनोद चुघ, महेंद्र सिंह दूमडा, अमित बेहड़, सतजीत सिंह गुलाटी, सतीश अनेजा आदि थे। ब्यूरो