रुद्रपुर। प्राचीन बस स्टैंड वाली रामलीला के दूसरे दिन भक्ति, करुणा और उल्लास के तीन रंग देखने को मिले। श्री रामलीला कमेटी के तत्वावधान में रावण-वेदवती संवाद, श्रवण कुमार की पितृभक्ति, दशरथ के श्राप और श्रीराम-जानकी जन्म की लीलाओं का मंचन हुआ।
लीला का शुभारंभ समाजसेवी जगदीश टंडन ने दीप प्रज्ज्वलित कर किया। मंचन की शुरुआत में विष्णु को पति रूप में पाने के लिए तपस्या कर रही वेदवती और अहंकारी रावण के संवाद ने नारी सम्मान और तप की शक्ति का संदेश दिया। श्रवण कुमार की कथा ने सभी को भावुक कर दिया। जनक की ओर से हल चलाते समय धरती से सीता की प्राप्ति और अयोध्या में चारों भाइयों के जन्म का मंगल मंचन हुआ। पूरे पंडाल में जय श्रीराम के जयकारे गूंज उठे। लीला में रावण रमन अरोरा, वेदवती सुमित आनंद, श्रवण पुलकित बाम्बा, दशरथ पंकज सुखीजा बने। यहां अध्यक्ष मनोज गाबा, महामंत्री सुशील गाबा, विशाल भुड्डी आदि मौजूद रहे।