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हाथी उजाड़ रहे तिलपुर और भट्टभोज हीरा

Mon, 09 Nov 2015 12:29 AM IST
ब्यूरो/अमर उजाला ब्यूरो/ गूलरभोज।
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गूलरभोज। तिलपुरी और भट्टभोज हीरा के ग्रामीण इन दिनों हाथियों के आतंक झेल रहे हैं। रात मेें हाथियों के झुंड घरों की तारबाड़ और फुलवारी तहस-नहस कर रहे हैं। ग्रामीणों का आरोप है कि वन विभाग को सूचना देने के बाद भी कोई कार्रवाई नहीं हो रही है।
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 पिछले एक महीने से हाथियों के झुंड जंगल की सीमा से सटे गांव तिलपुरी में घुसकर किसानों की फसलों को बर्बाद कर रहे थे। अब फसल कटने के बाद यह झुंड घरों के आसपास लगी सब्जी और फुलवारी को नुकसान पहुंचा रहे हैं। शनिवार की रात हाथियों ने तिलपुरी निवासी बलवंत सिंह राणा, किशन सिंह राणा और नेत्र सिंह राणा के घरों की बाड़, केले के पेड़ों को जड़ से उखाड़कर फेंक दिया। सहमे बलवंत सिंह ने आसपास के लोगों का जगाया और लोगों ने ट्रैक्टर का साइलेंसर उतारकर तेज आवाज कर हाथियों के झुंड को भगाया।
ग्रामीणों का कहना है कि हाथियों के घुसपैठ की घटना तो अब आम हो गई है। जंगल से एक हाथियों का झुंड लगभग प्रतिदिन गांव की ओर आता है। यही स्थिति भट्टभोज हीरा गांव की है। ग्रामीण राममूर्ति ने बताया कि पिछले एक माह से हाथियों ने यहां उत्पात मचाया हुआ है। बताया कि यह पहले तो खेतों की फसलें बर्बाद करते थे।
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 अब हाथी रिहायशी इलाकों में भी हानि पहुंचा रहे हैं। ग्रामीण टोली बनाकर रात को जागकर चौकीदारी कर रहे हैं। वहीं जिलपुरी निवासी पूर्व प्रधान दयान सिंह राणा ने कहा कि हाथियों के रिहाइशी इलाकों में सेंधमारी करना किसी बड़े खतरे से कम नहीं है। वन विभाग को इसकी सूचना दे दी गई है।
ग्रामसभा कूल्हा के प्रधान पति शंकर सिंह नगरकोटी ने कहा कि जंगल की सीमा से सटे गांवों के बाहर वन विभाग को बड़ी तारबाड़ या खाइयां खोदनी चाहिए। वनक्षेत्राधिकारी प्रदीप पंत ने बताया कि हाथियों का रिहायशी इलाके में आने की उनको जानकारी नहीं है। यदि ऐसा है तो इसके लिए उचित कार्रवाई की जाएगी।
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