इस दिवाली सिडकुल में बने इलेक्ट्रिक उत्पाद चीन की लाइटों को सीधी टक्कर देंगे। लोकल फॉर वोकल की तर्ज पर सिडकुल की 15 से ज्यादा इलेक्ट्रिक और इलेक्ट्रॉनिक्स कंपनियों ने अपना माल बाजार में उतार दिया है। एलईडी झालर, आरजीबी लाइट, पैनल लाइट, सजावटी लैंप और गिफ्ट आइटमों की डिमांड चरम पर है।
दिवाली को देखते हुए कंपनियों में पिछले दो महीने से दिन-रात उत्पादन चल रहा है। पैकिंग सेक्शन में ओवरटाइम में काम हो रहा है। कारोबारियों के मुताबिक चाइना की लाइटों के मुकाबले सिडकुल मेड लाइटें 20 से 25 प्रतिशत सस्ती हैं। इनमें एक साल की वारंटी भी मिल रही हैं। सिडकुल से तैयार माल केवल कुमाऊं तक सीमित नहीं है बल्कि दिल्ली, उत्तर प्रदेश, हरियाणा, पंजाब तक सप्लाई हो रहा है। थोक व्यापारियों ने एडवांस ऑर्डर दे दिए हैं।
सिडकुल की कंपनियों ने क्वालिटी पर फोकस किया है। चीन का माल सस्ता दिखता है पर टिकाऊ नहीं है। यहां की कंपनियाें का उत्पाद सस्ता भी है और टिकाऊ भी इसलिए डिमांड 30 प्रतिशत ज्यादा है। -अजय तिवारी, पूर्व अध्यक्ष, सिडकुल एसोसिएशन
प्रधानमंत्री के लोकल फॉर वोकल के आह्वान का असर है। व्यापारी खुद सिडकुल आकर माल उठा रहे हैं। इस दिवाली बाहरी राज्यों से भी बड़े ऑर्डर मिले हैं इससे स्थानीय रोजगार को भी बढ़ावा मिलेगा। -गजेंद्र सिंह, अध्यक्ष, सिडकुल एसोसिएशन।