रुद्रपुर। उत्तराखंड राइस मिलर्स के प्रांतीय अधिवेशन में हुए चुनाव पर मतभेद उभरने लगे हैं। एक पक्ष ने फर्जी वोट डलवाकर धांधली का आरोप लगा दोबारा चुनाव की मांग की है जबकि निर्वाचित पक्ष ने धांधली के आरोप को बेबुनियाद बताया है। हालांकि अधिवेशन के चुनाव परिणाम घोषित होने के बाद जमकर बखेड़ा हुआ था और इसका वीडियो भी सोशल मीडिया पर वायरल हो रहे हैं। बड़े स्तर पर हुए लेनदेन से मनमुटाव की भी चर्चा है।
यहां एक होटल में 25 अगस्त को उत्तराखंड राइस मिलर्स का प्रांतीय अधिवेशन हुआ था। इसमें मतदान से नई कार्यकारिणी का चुनाव हुआ था। इसमें सचिन गोयल अध्यक्ष अध्यक्ष, पंकज बांगा कोषाध्यक्ष, नरेश कंसल महामंत्री, उमेश अग्रवाल मंत्री घोषित किए गए थे। सचिन एक दशक से अध्यक्ष बनते रहे हैं। इसलिए चुनाव परिणाम घोषित होने के बाद ही जमकर बखेड़ा हुआ था। नाराज कुछ मिलर्स ने कुर्सियां और मेज पलट दी थी।
अध्यक्ष पद पर हारे प्रत्याशी और एसोसिएशन के पूर्व अध्यक्ष पीडी अग्रवाल का आरोप है कि देरी से आने की वजह से चार लोग वोट नहीं दे सके थे। फिर भी मतदान से अधिक वोट गिने गए। इससे धांधली उजागर हुई है। इसके खिलाफ सोमवार को 60 से अधिक राइस मिलर्स ने बैठक कर दोबारा चुनाव कराने की मांग की। इसके लिए दो सदस्यीय समन्वयक बनाए गए हैं जो तीन सितंबर तक समस्या सुलझाएंगे। इधर निर्वाचित अध्यक्ष सचिन गोयल ने बताया कि धांधली के आरोप बेबुनियाद हैं। पारदर्शी ढंग से चुनाव कराए गए हैं। कुल वोट 416 थे और गिनती में भी इतने ही वोट थे।