रुद्रपुर। जिले के आठ आयुर्वेदिक अस्पतालों के कायाकल्प की कवायद की जा रही है। इन अस्पतालों में मरम्मतीकरण, रंग रोगन, पैथोलॉजी और अतिरिक्त कक्षों के निर्माण के लिए जिला योजना से बजट मांगा गया है। बजट की मंजूरी मिलने के बाद अस्पतालों में कार्य शुरू हो जाएंगे।
जिला आयुर्वेदिक एवं यूनानी अधिकारी कार्यालय में छत मरम्मत व रंग रोगन का कार्य होना है। इसके लिए दस लाख रुपये का प्रस्ताव बनाया गया है। वहीं, आयुष्मान आरोग्य मंदिरन महुआखेड़ागंज के खिड़की दरवाजे टूटे हैं और रंग रोगन न होने से अस्पताल जर्जर हालत में नजर आ रहा है। करीब तीन लाख की लागत से खिड़की दरवाजों की मरम्मत व रंग रोगन होगा। मझोला अस्पताल में टाइप-4 आवास की छत जर्जर है। फर्श पर टाइल्स व रंगरोगन का काम होना है। इस अस्पताल के लिए सात लाख रुपये का प्रस्ताव बनाया गया। करीब दस लाख की लागत से नादेही के अस्पताल में पैथोलॉजी कक्ष एवं टिनशेड का निर्माण किया जाएगा।
इसी तरह महुआडाबरा अस्पताल, लक्ष्मीनगर जसपुर अस्पताल व लालपुर अस्पताल में दस-दस लाख से दो अतिरिक्त कक्षाकक्षों का निर्माण होगा। तीन लाख रुपये से खानपुर पश्चिम अस्पताल में फ्लोर टाइल, शौचालय की मरम्मत व रंग रोगन का काम होना है। इसके लिए विभाग ने प्रस्ताव तैयार किए हैं, जिन्हें जिला योजना मद से स्वीकृति के लिए मुख्य विकास अधिकारी को भेजे जा रहे हैं। प्रस्तावों को स्वीकृति मिलने के बाद इन अस्पतालों की हालत में सुधार होगा।
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जिले के आठ अस्पतालों में मरम्मतीकरण, रंग रोगन, पैथोलॉजी कक्ष व अतिरिक्त कक्षों का निर्माण होना है। इसके लिए करीब 63 लाख रुपये का प्रस्ताव तैयार किया गया है। प्रस्ताव को जिला योजना में मंजूरी के लिए भेजा जा रहा है। मंजूरी मिलने के बाद काम शुरू करा दिया जाएगा। -डॉ. आलोक कुमार शुक्ला, जिला आयुर्वेदिक एवं यूनानी अधिकारी।