जसपुर। नौजवान-ए-अहले सुन्नत ने बृहस्पतिवार रात उर्स ग्राउंड में शहीद-ए-आजम कांफ्रेंस का आयोजन किया। इस दौरान बिहार के बलिया से जसपुर आए पूर्व सांसद मौलाना गुलाम रसूल बलियावी ने कहा कि तालीम से ही कौम-ए-मुस्लिम का मुस्तकबिल बदल सकता है। इसे हासिल करने के लिए पूरा प्रयास किया जाए। शादी-विवाह में फिजूल खर्च पर लगाम लगाकर बहुत सारी परेशानी से बचा जा सकता है।
उन्होंने इस्लाम में पैठ कर रहीं बुराइयों पर तंज कसे। नवासा-ए-रसूल हजरत इमाम हुसैन व उनके 72 जानिसारों की याद में करबला का वाकया सुनाकर सब्र का इजहार किया। मौलाना इमरान हनफी (मुरादाबाद), मौलाना सययद मुकीमुररहमान (रामपुर), मौलाना हाशमी नूरी (काशीपुर) ने भी करबला की दास्तान को लेकर लोगों को संबोधित किया। शरीफ अहम राजस्थान व अकील सिद्दीकी बरेलवी ने नाते रसूल पढ़कर समा बांधा। संचालन यूसुफ रजा संभली ने किया। सलातो सलाम और दुआ के बाद कार्यक्रम का समापन किया गया। वहां मुफती शमीम अख्तर सअदी, मौलाना शोएब आलम, मो.नफीस, मो.नाजिम, मो.हाशिम आदि मौजूद रहे।