काशीपुर। काशीपुर डवलपमेंट फोरम (केडीएफ) ने भारतीय प्रबंध संस्थान (आईआईएम) काशीपुर के साथ मिलकर शहर को आत्मनिर्भर बनाने की मुहिम शुरू कर दी है। इसी कड़ी में आईआईएम ने अपने संस्थान के फाइनल वर्ष के चार छात्रों को एक प्रोजेक्ट तैयार करने का कार्य सौंपा है।
शुक्रवार की शाम तीर्थ द्रोणासागर परिसर में आईआईएम के छात्रों की टीम के साथ केडीएफ के पदाधिकारियों की बैठक हुई। इस दौरान केडीएफ ने काशीपुर की ज्वलंत समस्याओं, स्वच्छता, स्वच्छ पानी, कम्युनिटी सेंटर और बच्चों के खेलने के लिए पार्क आदि के रखरखाव, ट्रैफिक और स्वास्थ्य जैसी महत्वपूर्ण विषयों पर मंथन किया। इस दौरान शहर की समस्या को नगर निगम पर अपनी रिपोर्ट बना रहे छात्र निखिल कुमार ने अपने प्रोजेक्ट को केडीएफ के सामने रखा। बताया कि आशीष कैलरामैन काशीपुर के किसानों और उद्योगों के बीच तालमेल पर काम कर रहे हैं।
छात्र मोहम्मद असमर काशीपुर को पर्यटन नगरी के रूप में विकसित करने की संभावनाएं तलाश रहे हैं और रिपोर्ट तैयार कर रहे हैं। वहीं छात्र एस नधा ने बैठक में अपनी प्रेजेंटेशन प्रस्तुत किया। केडीएफ के अध्यक्ष राजीव घई व चक्रेश जैन ने बताया संगठन विभिन्न विभागों से तालमेल कर छात्रों को डाटा उपलब्ध कराने में मदद कर रहा है।
‘नई सेवाओं और अवसरों का हो रहा उदय’
काशीपुर। भारतीय प्रबंधन संस्थान (आईआईएम) काशीपुर में वार्षिक वित्त सम्मेलन वृद्धि 2024 का आयोजन किया गया। इस कार्यक्रम की थीम ‘नवाचार और परंपरा का संगम: वित्त की नई सीमाएं’ रखा गया था। इस दौरान उद्योग के दिग्गजों ने विद्यार्थियों को वित्तीय वृद्धि के बारे में बताया।
जीसीसी, बीएनपी परिबास के एमडी और हेड फाइनेंस विनय अग्रवाल ने कहा कि ऐसे विभिन्न उत्पादों और उद्योगों में जोखिम को विविधित करें और बदलते बाजार स्थितियों के अनुसार नवाचार करें। बीएमडब्ल्यू इंडिया के टैक्स और कस्टम्स हेड संजीव अग्रवाल ने कहा कि आने वाले वर्षों में भारत में डेटा गोपनीयता एक शीर्ष प्राथमिकता बन जाएगी और इसे सख्ती से लागू किया जाएगा। सक्सो ग्रुप की मुख्य वित्तीय अधिकारी राखी असवाल ने वित्त में प्रौद्योगिकी की भूमिका पर कहा कि ‘वित्त अधिक वास्तविक समय आधारित हो गया है और पारंपरिक डेटा एंट्री कार्य को विश्लेषणात्मक कार्यों से प्रतिस्थापित किया जा रहा है। इस बदलाव के साथ साइबर सुरक्षा जैसे जोखिम भी हैं, लेकिन साथ ही नई सेवाओं और अवसरों का उदय हो रहा है।
इस दौरान आईआईएम काशीपुर के प्लेसमेंट और कॉर्पोरेट रिलेशंस के चेयरमैन प्रो. दीपक वर्मा ने भी विचार व्यक्त किए। सम्मेलन का समापन छात्रों और अतिथियों के बीच इंटरैक्टिव प्रश्नोत्तर सत्र के साथ हुआ। सन ग्रुप की मुख्य वित्तीय अधिकारी अर्चना अग्रवाल ने परंपरा और नवाचार के बीच संतुलन पर जोर दिया। साथ ही आईआईएम काशीपुर के प्लेसमेंट और कॉर्पोरेट रिलेशंस के चेयरमैन प्रो. उत्कर्ष ने कहा कि उद्योग के दिग्गजों ने हमारे छात्रों की न समझ को न सिर्फ व्यापक बनाया, बल्कि उन्हें उद्योग में होने वाले गतिशील परिवर्तनों को