पूर्व सैनिकों और उनके आश्रितोें का लंबे समय से चला रहा इंतजार जल्द खत्म होने जा रहा है। पूर्व सैनिकों को जिला मुख्यालय में ही ईसीएचएस अस्पताल और सीएसडी कैंटीन की सुविधा मिल सकेगी। इसके लिए डीएम डा. पंकज कुमार पांडेय ने सेना के अफसरों को किच्छा रोड स्थित पुराना जिला अस्पताल परिसर में 0.5 एकड़ में निर्माण की स्वीकृति दे दी है। हालांकि जमीन को रक्षा विभाग के नाम पर कराया जाना बाकी है। यदि अस्पताल और कैंटीन बनकर तैयार हुई तो इससे पूर्व सैनिकों को दूरदराज के चक्कर नहीं लगाने पड़ेंगे।
जिले में साढ़े आठ हजार से अधिक पूर्व सैनिक रहते हैं साथ ही बड़ी संख्या में कार्यरत फौजी के अलावा उनके आश्रित भी निवास करते हैं। सेना की ओर से सैनिकों की सुविधा के लिए कैंटीन और ईसीएचएस खोला जाता है। ताकि सैनिकों को बेहतर उपचार और गुणवत्तायुक्त सामान उचित दामों में मिल सके। जिले में ईसीएचएस और कैंटीन खोलने की मांग पूर्व सैनिक लंबे समय से करते आ रहे थे। गुरुवार को कुमाऊं रेजीमेंट रानीखेत से आए बिग्रेडियर व अन्य अफसरों ने डीएम डॉ पांडेय ने कलक्ट्रेट में वार्ता की। इस पर डीएम ने 0.5 एकड़ देने की सैद्धांतिक सहमति दी। साथ ही विभाग के नाम भूमि कराने के लिए जल्द रजिस्ट्री कराने का सुझाव दिया। इधर पूर्व सैनिक लीग जिलाध्यक्ष खड़क सिंह कार्की ने कहा कि सर्किल रेट जमा कराने की बाध्यता भी समाप्त की जानी चाहिए। उन्होंने जिला प्रशासन के कदम की सराहना भी की।