रुद्रपुर। पुलभट्टा के सिरौलीकलां निवासी ई-रिक्शा चालक की हत्या का पुलिस ने खुलासा कर दिया है। पत्नी से अवैध संबंध होने के शक में साले ने अपने जीजा के साथ मिलकर ई-रिक्शा चालक की हत्या कर शव गन्ने के खेत में फेंक दिया था। पुलिस ने दोनों हत्यारोपियों को कोर्ट में पेश कर जेल भेज दिया है। एसएसपी ने पुलिस टीम को ढाई हजार रुपये इनाम देने की घोषणा की है।
सोमवार को पुलिस कार्यालय में एसएसपी दलीप सिंह कुंवर ने मामले का खुलासा करते हुए बताया कि बीर शिवा स्कूल के पास सिरौलीकलां पुलभट्टा निवासी मुरारीलाल राम ई-रिक्शा चालक था। 26 दिसंबर की सुबह साढ़े नौ बजे भवानी प्रसाद उर्फ बंटी मूल निवासी खाता कमालपुर देवरिया (बरेली) एवं हाल पंजाबी मोहल्ला किच्छा अपने साले धर्मेंद्र कुमार निवासी दीननगर थाना बहेड़ी (बरेली) के साथ मुरारी के घर पहुंचा था।
भवानी प्रसाद मुरारी के परिजनों से उसे धान लेने के लिए गांव ले जाने की बात कहकर अपने साथ ले गया था। इसके बाद मुरारी का मोबाइल बंद हो गया था और वह घर नहीं पहुंचा। 27 दिसंबर को लापता मुरारी के चाचा सूरज पाल ने पुलभट्टा थाने में उसकी गुमशुदगी दर्ज कराई।
पुलिस ने भवानी प्रसाद और उसके साले धर्मेंद्र कुमार को शक के आधार पर हिरासत में लेकर पूछताछ की थी। धर्मेंद्र ने बताया कि उसकी मुरारी से अच्छी जान पहचान थी। दोनों का एक-दूसरे के घर आना जाना शुरू हो गया था। मुरारी ने उसकी पत्नी ने नजदीकियां बढ़ा ली थी। जब वह घर पर नहीं रहता था तो मुरारी उसकी पत्नी से मिलने के लिए जाता था।
यह बात धर्मेंद्र ने अपने जीजा को भी बताई थी। दोनों ने मिलकर मुरारी की हत्या की साजिश रची। घर से मुरारी को ले जाने के बाद उन्होंने तराई डाडी गांव से दीननगर को जाने वाले रास्ते में रस्सी से गला घोंटकर मुरारी की हत्या कर दी। पुलिस ने हत्यारोपियों की निशानदेही पर एक रस्सी, एक मफलर, एक बोरा और धर्मेंद्र का स्वेटर बरामद किया है।
बता दें कि मुख्य हत्यारोपी धर्मेंद्र का विवाह लॉकडाउन में ही हुआ था जबकि मृतक मुरारी की दो साल पहले विवाह हुआ था। पुलिस टीम में पुलभट्टा एसओ विनोद जोशी, एसआई कीर्ति भट्ट, दिनेश भट्ट, कांस्टेबल नीरज बिष्ट, ललित चौधरी और नरेश चौहान मौजूद रहे।
बोरे में बंद कर गन्ने के खेत में छिपाया था शव
रुद्रपुर। हत्यारोपी धर्मेंद्र कुमार और उसके जीजा भवानी प्रसाद उर्फ बंटी ने मुरारी की हत्या करने के बाद शव को बोरे में बंद कर दिया था। बोरे को बांधने के लिए उन्होंने रस्सी और मफलर रखा था। हत्या के बाद मुरारी के पैरों को मोड़कर गर्दन को रस्सी से बांध दिया गया। दोनों पैरों को मफलर से बांधा गया ताकि वह बोरे से बाहर न दिख सकें। बोरे को पास के ही एक गन्ने के खेत में छिपा दिया। इसके बाद ऊपर से गन्ने की पत्तियां और गन्ने से ढक दिया। (संवाद)
जीजा के घर में बनाई हत्या की योजना
रुद्रपुर। 26 दिसंबर की तड़के धर्मेंद्र अपने ई-रिक्शे से जीजा भवानी प्रसाद के घर पहुंचा था। धर्मेंद्र ने चाय पीने के बाद अपने जीजा से मुरारी के घर चलने की बात कही। जीजा ने मना किया तो धर्मेंद्र ने उसे अपनी पत्नी और मुरारी के बीच चल रहे अवैध संबंध की बात बता दी। यह सुनकर जीजा गुस्से में आ गया और साले के साथ मिलकर मुरारी को घर से ले जाकर मारने की योजना बनी ली। दोनों को इस बात की जानकारी थी कि घूमने के बहाने मुरारी घर से नहीं आएगा, इसलिए उन्होंने रिच्छा में धान लेने के लिए उसे घर से बुलाया। (संवाद)
शराब पीने के बाद मुरारी ने धर्मेंद्र की पत्नी को किया कॉल
रुद्रपुर। तराई डीडी गांव में पहुंचने से पहले धर्मेंद्र उसके जीजा भवानी प्रसाद और मुरारी ने शराब पी। जीजा को डीडी गांव ही छोड़कर धर्मेंद्र मुरारी को दीननगर की ओर ले गया। हत्यारोपी धर्मेंद्र का कहना है कि मुरारी ने शराब के नशे में उसकी पत्नी को कॉल किया और गंदी बात करने लगा। इस बात को लेकर दोनों के बीच मारपीट हो गई। उसने ई-रिक्शा से रस्सी निकालकर मुरारी का गला घोंट दिया। कुछ समय बाद उसकी मौत हो गई। इसके बाद जीजा की मदद से शव को ठिकाना लगाया।