काशीपुर। शिक्षकों की ड्यूटी जनगणना कार्य में लगने से विद्यालयों में पढ़ाई चौपट हो गई है। इक्का-दुक्का शिक्षकों के सहारे स्कूल संचालित हो रहे हैं। प्रशासन और मुख्य शिक्षाधिकारी मूल कार्य के साथ जनगणना के लिए निर्देशित करने की बात कर रहे हैं।
मतदाता सूची का आगामी विशेष गहन पुनरीक्षण कार्यक्रम 2026 के लिए काशीपुर में शिक्षक समेत विभिन्न विभागों के कर्मचारी लगाए गए हैं। इन कर्मियों को बीएलओ, सुपरवाइजर, नोडल अधिकारी बनाया गया है। यह कार्य 20 मार्च से चल रहा है। अप्रैल से जनगणना का कार्य भी शुरू हो गया है। इनमें भी प्रगणक और सुपरवाइजर बनाने के लिए भारी संख्या में कर्मियों की ड्यूटी लगी है। नगर निगम की ओर से शिक्षा विभाग से लगभग सभी स्कूलों से शिक्षकों की ड्यूटी लगाई गई है। प्रशिक्षण के बाद शिक्षक घर-घर जाकर प्रथम चरण में मकान गणना कार्य कर रहे हैं। इक्का-दुक्का शिक्षक स्कूलों में बच्चों को घेरने में लगे हैं। यहां पढ़ाई पूरी तरह प्रभावित हो गई है। ब्लॉक में 90 प्राइमरी, 25 जूनियर, 13 हाईस्कूल-राजकीय इंटर कॉलेज, अशासकीय आठ विद्यालय संचालित हैं। करीब 800 शिक्षक व कर्मचारी की ड्यूटी लगाई गई है।
सबसे अधिक परेशानी जीजीआईसी काशीपुर में हो रही है। इस विद्यालय में 1876 छात्राएं पंजीकृत हैं। बालिकाओं को पढ़ाने के लिए मात्र चार शिक्षिका ही कार्यरत हैं। मुख्य शिक्षाधिकारी अल्मोड़ा ने शिक्षकों को मूल कार्य के साथ दूसरे कार्य करने का पत्र जारी कर दिया है। यहां के प्रधानाध्यापक-प्रधानाचार्य ऊधमसिंह नगर में भी सख्ती भरा पत्र जारी करने की मांग कर रहे हैं।
कोट:
शिक्षक विद्यालयों से जुड़कर मूल कार्य करने के बाद जनगणना का कार्य करेंगे। इस संबंध में पहले ही पत्र जारी कर दिया गया है। शिक्षक स्कूल में जाकर दो-तीन पीरियड पढ़ाएं, फिर विद्यालय से जाएं। -हरेंद्र कुमार मिश्रा, प्रभारी मुख्य शिक्षाधिकारी, ऊधमसिंह नगर