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Udham Singh Nagar News: तो कुमाऊं में बांग्लादेश के रास्ते अफगानिस्तान से हो रही है ड्रग्स तस्करी...

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यूपी और दूसरे राज्यों के अलावा अफगानिस्तान की अफीम व अन्य ड्रग्स के बांग्लादेश के रास्ते भी कुम - फोटो : यूपी और दूसरे राज्यों के अलावा अफगानिस्तान की अफीम व अन्य ड्रग्स के बांग्लादेश के रास्ते भी कुमाऊं में पहुंचने की आशंका है।
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कीर्तिराज रुमाल
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रुद्रपुर। यूपी और दूसरे राज्यों के अलावा अफगानिस्तान की अफीम व अन्य ड्रग्स के बांग्लादेश के रास्ते भी कुमाऊं में पहुंचने की आशंका है। इससे कुमाऊं में नारको आतंकवाद के पैर पसारने का खतरा भी बढ़ सकता है। शुक्रवार को पुलिस ने अफीम की एक बड़ी खेप को तराई से कुमाऊं के दूसरे क्षेत्रों में खपाने की तस्करों की योजना को विफल कर दिया, लेकिन यह अफीम कहां से लाई जा रही थी, पुलिस ने इसका ठीक से खुलासा नहीं किया।
शनिवार को पकड़े गए दोनों तस्कर गदरपुर क्षेत्र के हैं। 25 जनवरी 2022 को उत्तराखंड में विधानसभा चुनाव से पहले नशे की खेप पहुंचाने की योजना को भी रुद्रपुर में एसओजी की टीम ने विफल कर दिया था। तस्करों से एक किलो हेरोइन और 31.17 ग्राम स्मैक बरामद हुई थी। गिरफ्तार तस्करों में दो पश्चिम बंगाल और एक गदरपुर का था। पूछताछ में उन्होंने स्वीकार किया था कि वह बांग्लादेश बॉर्डर से ऊधम सिंह नगर, हल्द्वानी, रामपुर और बरेली को ड्रग्स की तस्करी करते हैं। ऊधम सिंह नगर का कुमाऊं प्रवेश द्वार होने के कारण यहां कई अंतरराज्जीय तस्कर गिरोह सक्रिय हैं, जो रुद्रपुर से चंपावत, पिथौरागढ़, हल्द्वानी, नैनीताल, अल्मोड़ा और बागेश्वर को नशीले पदार्थों की तस्करी करते हैं।
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अक्तूबर 2021 को किच्छा में सात किलो अफीम के साथ झारखंड के दो तस्कर पकड़े गए थे। जनवरी 2022 में एक करोड़ के गांजे के साथ ओडिशा के चार तस्कर गिरफ्तार हुए थे। बता दें कि अफगानिस्तान में अफीम की बड़े स्तर पर खेती होती है। कई बार यह अफीम दूसरे देशों की युवा पीड़ी नशेड़ी बनाकर बर्बाद करने आदि के रूप में नारको आतंकवाद की इस्तेमाल होती है। तस्कर इसे बांग्लादेश बॉर्डर के माध्यम से भारत में अवैध रूप से भेजते हैं।
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लाइसेंस लेकर भी अफीम की खेती से रहा अवैध धंधा
रुद्रपुर। यूपी के बरेली आदि क्षेत्रों में कुछ लोग लाइसेंस लेकर अफीम की खेती करते हैं। जानकारों का कहना है कि कई बार लोग लाइसेंस से अधिक क्षेत्रफल में अफीम उगा लेते हैं, जिसे इसी तरफ तस्करों के माध्यम से खपाया जाता है। तस्कर अफीम को प्रति ग्राम की दर से बेचते हैं। नशे की आदी लोगों को अफीम बेचने के लिए वह कारों का इस्तेमाल करते हैं। कार में ही तराजू भी रखते हैं।

कप्तान बोले यह जांच का विषय
रुद्रपुर। एसएसपी डॉ. मंजूनाथ टीसी ने कहा कि अफीम को कहां से लाया जा रहा था, यह जांच का विषय है। इसकी गहराई से जांच करने के बाद खुलासा किया जाएगा।

जिले में इस साल बरामद नशीली सामग्री

चरस - 15.321 किग्रा
डोडा - 69.551 किग्रा
अफीम- 19.316 किग्रा
स्मैक - 04.826 किग्रा

गांजा - 99.215 किग्रा
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