रुद्रपुर। जिले में कुत्तों के काटने के मामलों में कमी नहीं आ रही है। बीते वर्ष 6,000 से अधिक लोगों को कुत्तों ने जख्म दिए थे। इस वर्ष छह महीने में 3158 लोगों को कुत्ते काट चुके हैं। लावारिस कुत्तों के साथ ही पालतू कुत्ते भी लोगों को काट रहे हैं।
जिला अस्पताल में हर दिन कुत्तों के काटने के 20-25 मामले आ रहे हैं। शनिवार को एक बजे तक जिला अस्पताल के एंटी रैबीज कक्ष में 46 लोग टीका लगाने के लिए पहुंच चुके थे। जिला अस्पताल के एंटी रैबीज कक्ष से मिली जानकारी के अनुसार इस वर्ष जनवरी में कुत्तों के काटने का इलाज कराने लिए 487 लोग अस्पताल पहुंचे। फरवरी में 442, मार्च में 628, अप्रैल में 503, मई में 551 और जून में 547 लोगों को कुत्तों ने काटा।
सबसे अधिक मामले जिला मुख्यालय के ट्रांजिट कैंप, शिव नगर (जगतपुरा), दिनेशपुर और कालीनगर के सामने आ रहे हैं। जिला अस्पताल के पीएमएस डॉ. आरके सिन्हा के अनुसार अस्पताल में एंटी रैबीज के इंजेक्शन पर्याप्त संख्या में हैं। अवकाश के दिन भी आपातकालीन कक्ष में रैबीज के इंजेकशन लगाने की सुविधा दी जा रही है।