बाजपुर। 20 गांव की 5838 एकड़ भूमि पर मालिकाना हक के लिए चल रहा आंदोलन शुक्रवार को स्थगित हो गया। बीते 538 दिनों से चल रहे भूमि बचाओ आंदोलन को डीएम ने धरनास्थल पर पहुंचकर आंदोलनकारी किसानों को जूस पिलाकर स्थगित कराया। उधर, मुहिम के संयोजक जगतार सिंह बाजवा ने भी तीन महीने के भीतर समस्या का स्थायी समाधान नहीं होने पर उग्र आंदोलन की चेतावनी दी है।
शुक्रवार को डीएम नितिन भदौरिया, एडीएम पंकज उपाध्याय के साथ धरना स्थल पर पहुंचे। डीएम ने भारतीय किसान यूनियन के प्रदेश अध्यक्ष कर्म सिंह पड्डा, जगतार बाजवा और अन्य आंदोलनकारियों से वार्ता की। डीएम ने आंदोलनकारियों को बताया कि उनकी मांगें लगभग मान ली गई हैं। जल्द ही इन समस्याओं का स्थायी समाधान हो जाएगा। डीएम ने आंदोलनकारियों से अपना आंदोलन समाप्त करने की मांग की। इस पर कर्म सिंह पड्डा ने कहा कि उन्हें सरकार पर और प्रशासन पर भरोसा है। ऐसे में उनकी बात का मान रखते हुए अपना आंदोलन वह अगले तीन महीने के लिए स्थगित कर सकते हैं, लेकिन समाप्त नहीं।
अगर तीन महीने में उनकी मांगें नहीं मानी गई तो फिर आंदोलन शुरू होगा। इसके बाद डीएम ने आंदोलनकारी किसान रंजीत सिंह, अमरनाथ शर्मा, सिंकदर सिंह, दर्शन गोयल और हरदीप सिंह को जूस पिलाकर आंदोलन स्थगित कराया।
बीते मंगलवार को आंदोलनकारियों का एक प्रतिनिधिमंडल आरएसएस के नगर संघ चालक सुशील सिंगला के नेतृत्व में देहरादून में सीएम से मुलाकात करने गया था। सीएम से मिले आश्वासन से आंदोलनकारियों को राहत मिली थी और जिसके बाद वह वापस लौट आए थे। भूमि बचाओ मुहिम संयोजक जगतार सिंह बाजवा ने कहा है कि सीएम के साथ ये छठे दौर की वार्ता थी और छह बार पहले भी आश्वासन मिला है। आंदोलन से जुड़े बुजुर्गों के कहने पर फिलहाल ये आंदोलन स्थगित किया गया है। कहा कि यदि इस बार भी ये आश्वासन पूरा नहीं हुआ तो युवा उग्र आंदोलन करेंगे।