रुद्रपुर। राज्य और केंद्र सेक्टर से राशि आवंटित होने के बाद भी कई विभाग उसे खर्च करने में कंजूसी कर रहे हैं। उद्योग नगरी होने के बाद भी उद्योग विभाग ने राज्य सेक्टर से आवंटित कुल राशि में से मात्र 0.49 फीसदी धन ही खर्च किया है। इसी तरह अल्पसंख्यक कल्याण विभाग ने 8.29 प्रतिशत, नलकूप की ओर से 20 प्रतिशत, रेशम विभाग से सिर्फ 30 प्रतिशत राशि खर्च की है। डीएम युगल किशोर पंत ने संबंधित विभाग के अधिकारियों को फटकार लगाते हुए समय से राशि खर्च करने के निर्देश दिए।
रामपुर रोड स्थित यूआईआरडी सभागार में बुधवार को समीक्षा के दौरान डीएम युगल किशोर पंत ने सीएम स्वरोजगार योजना मद में जिले के डी श्रेणी में होने पर नाराजगी जाहिर करते हुए महाप्रबंधक जिला उद्योग केंद्र को प्राथमिकता से निर्धारित लक्ष्य को पूर्ण करते हुए ए श्रेणी में लाने के निर्देश दिए। डीएम ने रिवाल्विंग फंड प्राप्त स्वयं सहायता समूह मद में सी और जल जीवन मिशन (एफएचटीसी) बी श्रेणी में होने पर योजना में तेजी लाते हुए ए श्रेणी में लाने के निर्देश दिए।
जिला अर्थ एवं संख्याधिकारी नफील जमील ने बताया कि केंद्र सेक्टर में जिले के विभिन्न विभागों को अवमुक्त 20006.03 लाख रुपये के सापेक्ष 18886.37 लाख रुपये का उपयोग किया जा चुका है जो कि 94.40 प्रतिशत है।
राज्य सेक्टर में शासन से अवमुक्त 19464.25 लाख रुपये के सापेक्ष 13477.46 लाख रुपये का उपयोग किया जा चुका है। बैठक में मुख्य विकास अधिकारी विशाल मिश्रा, जिला विकास अधिकारी तारा ह्यांकी, सीएमओ डॉ. सुनीता रतूड़ी, सीईओ आरसी आर्य, ईई पेयजल निगम मृदुला सिंह, सहायक निदेशक मत्स्य संजय कुमार छिम्वाल, जिला कार्यक्रम अधिकारी उदय प्रताप सिंह आदि थे।