रुद्रपुर। डीएम नितिन सिंह भदौरिया ने बढ़ते तापमान और लू के प्रकोप को देखते हुए लोगों के स्वास्थ्य की सुरक्षा के लिए परामर्श जारी की है। इसमें गर्मी और लू से बचाव के सामान्य उपायों के साथ आपातकालीन लक्षणों और उनसे निपटने के तरीकों के बारे में बताया गया है।
पंतनगर विवि के मौसम विभाग के अनुसार, यदि किसी स्थान का तापमान लगातार तीन दिनों तक सामान्य से तीन डिग्री अधिक रहता है तो उसे लू माना जाता है। वहीं पांच दिनों तक तापमान सामान्य से पांच डिग्री अधिक रहने या दो दिन 45 डिग्री सेल्सियस से ऊपर रहने पर भी लू घोषित की जाती है।
डीएम की ओर से जारी परामर्श में लोगों से अपील की गई कि अधिक से अधिक पानी पीकर शरीर में तरल पदार्थों की कमी न होने दें। दोपहर 11 बजे से तीन बजे तक धूप में निकलने से बचें। यदि आवश्यक हो तो छाता या टोपी का प्रयोग करें। हल्के रंग के ढीले-ढाले सूती कपड़े पहनें, जो हवादार हों और शरीर को ठंडा रखने में मदद करें।
इसके अलावा यदि शरीर का तापमान 40 डिग्री सेल्सीयस या इससे अधिक है तो तेज सिरदर्द, चक्कर आना, मचली, त्वचा का गर्म और सूखा होना और बेहोशी जैसे लक्षण महसूस हो सकते हैं। ऐसे में नजदीकी अस्पताल में जाकर परामर्श लें।