स्टाफ की उपस्थिति चेक करते डीएम
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रुद्रपुर। डीएम आशीष श्रीवास्तव ने शिक्षा विभाग के कार्यालयों में औचक निरीक्षण के दौरान अनुपस्थित मिलने पर मुख्य शिक्षा अधिकारी (सीईओ) एवं एक कर्मचारी से स्पष्टीकरण लेने, एक का वेतन रोकने के निर्देश दिए। निरीक्षण के दौरान कार्यालयों में गंदगी मिलने पर उन्होंने नाराजगी जताते हुए अधिकारियों और कर्मचारियों को काफी फटकार लगाई। कार्यालय में गंदगी को देखते हुए डीईओ प्राथमिक कार्यालय के लेखाकार का वेतन रोकने के लिए निर्देशित किया।
डीएम श्रीवास्तव सोमवार सुबह साढ़े दस बजे शिक्षा विभाग के कार्यालय परिसर में पहुंच गए। जिससे कार्यालय में तैनात अधिकारियोें और कर्मचारियों में अफरातफरी मच गई। डीएम ने पहले सीईओ डॉ. नीता तिवारी का केबिन देखा। यह केबिन खाली था। इस पर डीएम ने सीईओ को तत्काल स्पष्टीकरण देने के लिए निर्देशित किया। निरीक्षण के दौरान उन्हें डीईओ प्राथमिक डीसी सती और डीईओ माध्यमिक पीएन सिंह के कार्यालय में गंदगी मिली।
जिस पर उन्होंने दोनों अधिकारियों को फटकारा। डीईओ बेसिक के कार्यालय में कई जगह पान, गुटखे की पीक, गंदगी मिलने पर उन्होंने हैरानी जताते हुए कहा कि अरे झाड़ू-पोछा लाओ, तुम्हें शर्म आती है तो मैं ही लगा देता हूं। डीईओ माध्यमिक के कार्यालय में कर्मचारी ललित चंद्र पाठक की छुट्टी की अर्जी के दिनांक में ओवरराइटिंग होने पर डीईओ माध्यमिक को उनका स्पष्टीकरण लेने को कहा। कर्मचारी शिरोमणि पांडे के अनुपस्थित होने पर उनका वेतन रोकने के निर्देश दिए।
डीईओ प्राथमिक कार्यालय के लेखा अनुभाग कक्ष में गंदगी को देखते हुए लेखाकार आनंद सिंह बिष्ट का भी वेतन रोकने को कहा। लेखा अनुभाग की पूरी सफाई के बाद ही आनंद को वेतन मिलेगा। निरीक्षण के दौरान डीएम ने शिक्षा कार्यालय में उपस्थिति रजिस्टर भी देखा। कहा कि चिकित्सा प्रतिपूर्ति पंजिका, पेंशन रजिस्टर हमेशा अपडेट रहने चाहिए, जो अध्यापक सेवानिवृत्त होते हैं उनके पेंशन के कागज समय पर तैयार कर लें। ताकि सेवानिवृत्ति के बाद उन्हें समय से पेंशन मिल सके।
रुद्रपुर। डीईओ पीएन सिंह के बाथरूम में काफी गंदगी और दुर्गंध को देखते हुए डीएम ने उन्हें चेताया कि अगर बाथरूम की जल्द सफाई नहीं हुई तो इसी गंदगी में दोबारा से सभी की बैठक लूंगा। कहा कि शिक्षा विभाग के अफसरों का ही जब यह हाल है तो आगे क्या होगा। कार्यालय के बाहर कई लोगों ने डीएम से सीईओ के कार्यालय में न बैठने की शिकायत की। कहा कि उनके बैठने का कोई समय नहीं है।