नानकमत्ता। बंदी छोड़ दिवस पर ऐतिहासिक गुरुद्वारा श्री नानकमत्ता साहिब में 23 अक्तूबर से चल रहे दीपावली मेले का मुख्य पर्व बुधवार को संपन्न हो गया। श्री अखंड पाठ साहिब के भोग व अरदास के साथ तीन दिवसीय धार्मिक दीवान का भी समापन हो गया।
15 दिवसीय दीपावली मेले के चौथे दिन हजारों श्रद्धालुओं ने श्री नानकमत्ता साहिब पहुंचकर श्री दरबार साहिब में मत्था टेक अरदास की और प्रसाद ग्रहण किया। श्रद्धालुओं ने पवित्र पंजा साहिब, गुरुद्वारा छठी पातशाही, बाबा लाल गुरु गुरुद्वारा, भंडारा साहिब, गुरुद्वारा दूध वाला कुआं एवं अजायबघर के दर्शन कर धर्म लाभ कमाया।
सोमवार को रखे गए श्री अखंड पाठ साहिब का बुधवार को भोग पड़ा। श्री अखंड पाठ साहिब के भोग व अरदास के साथ ही तीन दिवसीय मुख्य पर्व संपन्न हो गया। समापन पर बाबा अलमस्त दीवान हॉल में गुरुद्वारा प्रबंधक कमेटी की ओर से दीपावली मेले में विभिन्न जिलों से सेवा करने आए सेवक दलों, जत्थेदारों को कमेटी की उपप्रधान बीबी कमलेश कौर, जनरल सेक्रेटरी अमरजीत सिंह एवं गुरुद्वारे के डायरेक्टरों ने सिरोपा भेंट कर सम्मानित किया।
श्रद्धालुओं ने श्री दरबार साहिब में मत्था टेकने एवं लंगर छकने के बाद मेले में लगे विभिन्न झूलों एवं मनोरंजन के साधनों का लुत्फ उठाया और खरीदारी की। मेले में लगे ड्रैगन ट्रेन, ड्रैगन नाव एवं मौत का कुआं मेलार्थियों के आकर्षण का केंद्र बने हैं। श्रद्धालुओं के लिए डेरे में अटूट लंगर की व्यवस्था की गई थी। वहां गुरुद्वारा प्रबंधक कमेटी की उपाध्यक्ष बीबी कमलेश कौर, जनरल सेक्रेटरी अमरजीत सिंह सचिव हरभजन सिंह, डायरेक्टर गुरवंत सिंह सोनी, गुरदयाल सिंह, निर्मल सिंह, जोगिंदर सिंह, हरभाग सिंह, प्रीतपाल सिंह, गुरबाज सिंह, गुरमुख सिंह, पलविंदर सिंह आदि थे।
फिर मत्था टेकने आने का संकल्प लेकर लौटे नानकपंथी
नानकमत्ता। गुरुद्वारा श्री नानकमत्ता साहिब में बंदी छोड़ दिवस के उपलक्ष्य में लगने वाले दीपावली मेले में पश्चिमी उत्तर प्रदेश के शाहजहांपुर, बदायूं, बरेली, पीलीभीत, रामपुर, लखीमपुर खीरी आदि क्षेत्रों में रहने वाले लाखों नानकपंथी दो दिन पूर्व ही नानकमत्ता साहिब पहुंच जाते हैं। नानकपंथी पवित्र पंजा साहिब व गुरुद्वारा लाल गुरु पर घी के दीपक जलाने के साथ मनौती मांगते हैं। मनौती पूर्ण होने पर अगले बरस फिर दीपावली मेले में आने का संकल्प लेकर लौट जाते हैं।