जिला पंचायत के कक्ष को जिला पंचायत अध्यक्ष को सूचना दिए बगैर पंचायती राज मंत्री के लाइजनिंग अधिकारी को देने पर जिला पंचायत बोर्ड बैठक में हंगामा हो गया। जिला पंचायत अध्यक्ष ने अपर मुख्य अधिकारी को फटकार लगाते हुए कमरे की चाबी जब्त कर ली। वहीं, बैठक में अपर मुख्य अधिकारी पर उत्पीड़न का आरोप लगाते हुए अनुसेवक रो पड़ा।
जिला पंचायत की पहले सत्र की बैठक शुक्रवार को एजेंडे पर चर्चा के बजाय आरोप-प्रत्यारोप के नाम रही। अपर मुख्य अधिकारी जिला पंचायत तेज सिंह पर सरकारी कक्ष को करीब एक साल से पंचायती राज मंत्री के लाइजनिंग अधिकारी एवं पीडब्ल्यूडी एई एनएस नेगी को देने पर हंगामा खड़ा होने के बाद निंदा प्रस्ताव किया गया।
जिला पंचायत अध्यक्ष ईश्वरी प्रसाद गंगवार ने कहा कि बिना शासन के आदेश और उनकी अनुमति के मनमानी करते हुए एई को कमरा दिया गया। कमरे के एसी और अन्य सुविधाओं से जिला पंचायत पर आर्थिक बोझ बढ़ गया है। उन्होंने अपर मुख्य अधिकारी को फटकार लगाकर कक्ष की चाबी जब्त कर ली। इसी बीच कार्यालय में तैनात अनुसेवक प्रमोद मिश्रा ने भी अपर मुख्य अधिकारी पर उत्पीड़न करने लगाते हुए कहा कि साल के शुरुआत में दो महीने का वेतन रोकने दिया गया था। विधायक राजकुमार ठुकराल ने भी अपर मुख्य अधिकारी को फटकार लगाते हुए दुर्गम स्थान में तबादले की चेतावनी दी।
दूसरे सत्र में जिला पंचायत अध्यक्ष ने अधिकारियों को किसानों को गेहूं का भुगतान समय पर करवाने करवाने के निर्देश दिए। डीएम डॉ. नीरज खैरवाल ने कहा कि जिले को देश के 115 एस्पीरेशनल (आकांक्षी) जिलों में चुना गया है। हर परिवार का डाटाबेस तैयार करने के लिए एएनएम, आशा और आंगनबाड़ी कार्यकर्ता प्रत्येक परिवार का सर्वे करेंगी। उन्होंने कहा कि जनप्रतिनिधि मनरेगा के अंतर्गत जल संरक्षण, जल संवर्द्धन, वृक्षारोपण, गाव के कच्चे रास्ते और नालियों को पक्का करने के कार्य प्रस्तावित कर सकते हैं। बैठक में एसएसपी डॉ. सदानंद दाते, किच्छा विधायक राजेश शुक्ला, जिला पंचायत उपाध्यक्ष संदीप चीमा, कविता देवी, कमल किशोर भट्ट, पूनम राणा, इंद्रावती, कुसुम देवी, तारक मंडल, जगदीश जोशी, सहित अनेक मौजूद रहे।
सिर्फ खटीमा के ब्लॉक प्रमुख रहे मौजूद
रुद्रपुर। जिला पंचायत बोर्ड बैठक के पदेन सदस्य होने के बावजूद जिले के छह ब्लॉक प्रमुख अनुपस्थित रहे। बोर्ड बैठक में सिर्फ खटीमा के ब्लॉक प्रमुख दान सिंह राणा ही मौजूद रहे। पिछली बोर्ड बैठक में भी ब्लॉक प्रमुख के रूप में राणा ही अकेले मौजूद रहे थे।