काशीपुर। जिला उपभोक्ता आयोगों में रिक्त पदों के चलते उत्तराखंड के तीन चौथाई जिला उपभोक्ता आयोग वर्तमान में सुचारू कार्य नहीं कर रहे हैं। नवंबर 2025 से ऊधमसिंह नगर और हरिद्वार जिला उपभोक्ता आयोग के अतिरिक्त प्रदेश के 11 जिलों के आयोग उपभोक्ता केसों में फैसला नहीं कर सकेंगे।
सूचना अधिकार कार्यकर्ता नदीम उद्दीन ने सूचना के अधिकार के तहत प्राप्त जानकारी अनुसार राज्य उपभोक्ता आयोग में अध्यक्ष का पद पांच जनवरी 2024 से रिक्त है जबकि न्यायिक सदस्य का पद 13 दिसंबर 2024 से रिक्त है। एक न्यायिक सदस्य का कार्यकाल तीन जुलाई 2025 और सामान्य सदस्य का कार्यकाल 26 नवंबर 2025 तक ही है।
वर्तमान में उत्तराखंड के नौ जिलों में अध्यक्ष के पद 19 मई 2023 से रिक्त हैं जबकि पिथौरागढ़ जिले की महिला सदस्य का पद अगस्त 2024 से और देहरादून जिले के पुरुष सदस्य का पद मई 2025 से रिक्त हैं। ऐसे में वर्तमान में कार्यरत चार जिलों के अध्यक्षों को अतिरिक्त प्रभार के रूप में नौ जिलों का प्रभार दिया गया है लेकिन वह माह में एक या दो दिन ही सुनवाई कर रहे हैं।
इससे अध्यक्ष विहीन इन पर्वतीय जिलों के अधिकतर मामलाें का निपटारा नहीं हो पा रहा हैं। इससे अध्यक्ष वाले चार जिलों का कार्य भी प्रभावित हो रहा है।
दो जिलों में हो सकेगी सुनवाई
उपभोक्ता संरक्षण अधिनियम 2019 के प्रावधानों के अनुसार केसों की सुनवाई और निपटारे के लिए अध्यक्ष और कम से कम एक सदस्य का उपस्थित होना आवश्यक है। नवंबर 2025 तक अधिकतर जिलों के सदस्यों के पद रिक्त होने के चलते यह कोरम पूर्ण नहीं हो सकेगा। नवंबर 2025 से उत्तराखंड के 13 में से 11 जिले कोरम के अभाव उपभोक्ता केसों की सुनवाई व फैसला नहीं कर सकेंगे। पद न भरे जाने पर नवंबर के बाद केवल हरिद्वार व ऊधमसिंह नगर के जिला आयोग ही मामलों की सुनवाई व फैसला करने में सक्षम रह जाएंगे। ऊधमसिंह नगर जिले में भी केवल एक सदस्य ही रह जाने पर इसमें भी सुचारू कार्य नहीं हो सकेगा।