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पलसिया के लोगों को उजाड़ना राज्य की बुनियाद पर हमला : हरीश रावत

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सितारगंज में धरने को समर्थन देते पहुंचे पूर्व सीएम रावत। संवाद
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सितारगंज। पूर्व सीएम हरीश रावत ने कहा कि तत्कालीन पीएम इंदिरा गांधी ने बंगाली समाज के लोगों को तराई में आमंत्रित करके बसाया था। 50 साल से अधिक समय से बसे परिवारों को उजाड़ना राज्य की बुनियाद पर हमला है। हरीश रावत शुक्रवार को शक्तिफॉर्म के पास स्थित प्रह्लाद पलसिया में पिछले नौ दिनों से धरना दे रहे परिवारों और विभिन्न दलों के नेताओं को समर्थन देने पहुंचे थे।
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उन्होंने कहा कि प्रह्लाद पलसिया के लोगों को उनकी इच्छा के खिलाफ बलपूर्वक कोई भी अधिकारी, मंत्री या कानून नहीं उजाड़ सकता है। साल 2016 में उनकी कैबिनेट ने तराई में बसे लोगों को नियमित करने का फैसला दिया था जो प्रह्लाद पलसिया के लोगों को संरक्षण देता है। कहा कि किसी मंत्री या अधिकारी के कहने से इस फैसले को नहीं बदला जा सकता है। उन्होंने अधिकारियों को सलाह दी कि किसी मंत्री या नेता के दबाव में गलत काम न करें। मंत्री तो भूतपूर्व हो जाएंगे लेकिन गलत कार्य नौकरी के अंतिम समय तक अधिकारियों का पीछा करेगा।
उन्होंने कहा कि मामले को लेकर डीएम से वार्ता की है। सचिव स्तर पर वार्ता की जाएगी। यह राजनीतिक नहीं बल्कि सामाजिक लड़ाई है। इसे हर कीमत पर जीतना है। उन्होंने सरकार को समझदारी से काम करने की नसीहत दी। कहा कि सरकार पीड़ित परिवारों से वार्ता कर वैकल्पिक रास्ता निकाले। पीड़ित परिवारों को कानूनन जमीन आवंटित कर आवास बनाकर दे। साथ ही बिजली, पानी और सड़क जैसी बुनियादी सुविधाएं भी मुहैया कराई जाएं।
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इस मौके पर पूर्व विधायक नारायण पाल, पूर्व विधायक प्रेमानंद महाजन, दर्जाधारी गणेश उपाध्याय, राम नगीना, पूर्व पालिकाध्यक्ष हरीश दुबे, नपं अध्यक्ष सुमित मंडल, रामचंद्र राय, भवतोष आचार्य, उत्तम आचार्य, हरपाल सिंह आदि मौजूद थे।
सरकार असमर्थ है तो मैं दूंगा एक एकड़ जमीन : नवतेज पाल

प्रदेश कांग्रेस के सचिव नवतेज पाल ने कहा कि यदि सरकार पीड़ित परिवारों को जमीन मुहैया कराने में असमर्थ है। तो वह अपनी एक एकड़ जमीन पीड़ित परिवारों को दान देने के लिए तैयार हैं। पूर्व विधायक नारायण पाल ने कहा कि वह शुरुआत से इन परिवारों को संरक्षण देते आए हैं। सिडकुल की स्थापना के दौरान इस जमीन को भी शामिल किया गया था। फिर इसी जमीन पर बांस भी लगाया जा रहा था। दोनों बार उन्होंने सरकार से पैरवी कर इन परिवारों की जमीन छिनने से बचाया था।
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