काशीपुर। उत्तराखंड परिवहन निगम के काशीपुर डिपो की हालत बेहद खराब है। जर्जर बिल्डिंग और बदहाल प्रांगण इस डिपो की पहचान बन चुकी है। यहां लंबे समय से यात्री सुविधाओं का अभाव बना हुआ है। अधिकारी आते हैं निरीक्षण करते हैं और चले जाते हैं मगर सुधार कुछ नहीं हुआ। स्थिति यह है कि जब से फ्लाईओवर बना है तब से डिपो के अंदर और बाहर आने-जाने में बसों को परेशानी होती है। ऐसे में कई बार हादसा होते-होते बचा है।
काशीपुर के लोगों के लिए रोडवेज बस अड्डा 1982 में बना था, यहां से सभी प्रमुख शहरों के लिए बसों की सुविधा है। बस अड्डे का भवन 43 वर्ष पुराना होने के बाद भी इसकी ओर कोई ध्यान नहीं दिया जा रहा। आज हालात ऐसे हैं कि पूरे परिसर में इतने गड्ढे हो गए हैं कि यहां आने-जाने वाली सवारियों को खासी परेशानी का सामना करना पड़ता है। बरसात के पानी की निकासी नहीं होने से जलभराव की स्थिति बनी रहती है। विभाग की ओर से अनदेखी किए जाने से बस अड्डा जीर्णशीर्ण हालत में पहुंचने लगा है।
फ्लाई ओवर के बनने से स्थिति हुई खराब
काशीपुर डिपो के सामने रेलवे लाइन पर बने फ्लाई ओवर की वजह से स्थिति खराब हो गई है। बस या तो सीधे निकल जाती है या फिर बस अड्डे के अंदर आने के लिए परेशानी उठानी पड़ती है। फ्लाई ओवर की सर्विस रोड नाले के ऊपर बनी हुई है और उसमें भी गड्ढे हो गए हैं। कई बार तो बस के पहिये फंस जाते हैं।
इन स्थानों के लिए बसों का होता है संचालन
डिपो के वरिष्ठ केंद्र प्रभारी अनवर कमाल ने बताया कि काशीपुर से टनकपुर, रुद्रपुर, लखनऊ, जयपुर, दिल्ली, देहरादून, हरिद्वार, बरेली, मुरादाबाद आदि स्थानों के लिए बसों का संचालन होता है। डिपो से करीब 50 बसों का संचालन हो रहा है। चालक और परिचालकाें की संख्या कम होने के बाद भी डिपो यात्रियों को सुविधा दे रहा है।
सर्विस लाइन चौड़ी और गड्ढे जल्द भरे जाएं
काशीपुर डिपो के सहायक महाप्रबंधक राजेंद्र कुमार ने बताया कि एसडीएम को फ्लाई ओवर की सर्विस रोड को चौड़ा करने और गड्ढों को ठीक कराने के संबंध में पत्र लिखा गया है। सर्विस रोड पर बिजली खंभे और अतिक्रमण की वजह से बसें टकरा रही हैं और आए दिन विवाद हो रहा है। डिपो की जर्जर बिल्डिंग को ठीक कराने के लिए शासन को भी पत्र लिखा है। दूसरी ओर एसडीएम अभय प्रताप सिंह ने बताया कि शासन स्तर पर शिफ्टिंग की प्रक्रिया चल रही है। बसों के आने जाने में सर्विस रोड पर यदि कोई परेशानी आ रही है तो उसका निरीक्षण किया जाएगा। सर्विस रोड के गड्ढों को संबंधित विभाग से भरने को कहा जाएगा।