काशीपुर। काजीबाग चौक में स्थापित गणपति के पंडाल में कौमी एकता की मिसाल देखने को मिली। मुहर्रम के जुलूस के लिए बप्पा के भक्तों ने बड़ा दिल दिखाते हुए इस बार गणपति महोत्सव का कार्यक्रम थोड़ा छोटा कर लिया ताकि ताजियेदारी के लिए रूट साफ किया जा सका। आयोजकों ने पिछले वर्ष महोत्सव में सहयोग करने के लिए मुस्लिम समाज के प्रतिनिधियों को गणपति पंडाल में बुलाकर सम्मानित भी किया।
गंगा-जमुनी तहजीब को अपने आंचल में समेटे काशीपुर शहर हमेशा ही सांप्रदायिक सौहार्द की मिसाल रहा है। यहां एक-दूसरे के धार्मिक आयोजनों में शिरकत करने की परंपरा है। पाल समाज के लोग काजीबाग चौक पर गणपति महोत्सव का आयोजन करते हैं। पिछले वर्ष समिति ने यह आयोजन पांच दिनों का तय किया था।
मिलीजुली आबादी वाले काजीबाग में स्थापित पंडाल में पांचों दिन गणपति बप्पा की धूम रही। इत्तेफाक से इसी दौरान मुहर्रम के अलम भी उठाए जाने थे। मुहर्रमदारों ने गणपति के पंडाल के चलते मुहर्रम के ताजियों का रूट बदल दिया। मुस्लिमों ने मुहर्रम के पूर्व निर्धारित रूट को लेकर किसी तरह की शिकवा शिकायत भी नहीं की। इसके चलते गणपति महोत्सव निर्विघ्न रूप से संपन्न हुआ।
इस बार भी काजीबाग चौक में गणपति महोत्सव मनाया जा रहा था। समिति के पदाधिकारी अजय पाल, सुरेंद्र पाल, संजीव पंडा, विनयपाल, विक्की पाल, मोहित शर्मा व जीवी इस आयोजन की जिम्मेदारी संभाले हुए थे। मुहर्रम की सातवीं का जुलूस शनिवार को निकाला जाना है। इस बात की जानकारी होने पर गणपति महोत्सव के आयोजकों ने खुद पहल करते हुए बृहस्पतिवार की रात मुस्लिम प्रतिनिधियों को गणपति पंडाल में आमंत्रित किया।
आयोजकों ने महोत्सव के समापन में सहयोग करने के लिए ईदगाह कमेटी के सदर हसीन खान, शफीक अंसारी, डॉ. एमए राहुल व मंसूर अली मंसूरी को सम्मानित किया। समिति के पदाधिकारियों ने बताया कि मुहर्रम के जुलूस को रास्ता देने के लिए इस बार एक दिन पहले ही महोत्सव का समापन किया जा रहा है ताकि दूसरे मजहब का धार्मिक आयोजन भी हो सके।
कहा कि इससे परस्पर सौहार्द की डोर और मजबूत होगी। पंडाल में दोनों समुदायों के लोगों ने एक-दूसरे को गले लगाया। लगे हाथों, कटोराताल चौकी प्रभारी दिनेश बल्लभ ने एंटी ड्रग्स जागरूकता अभियान के तहत लोगों को नशे के दुष्परिणामों से अवगत करा दिया।
गणपति बप्पा ने लोक कल्याण के लिए ही अवतार लिया है। हमें भी इससे सीख लेनी चाहिए। धर्म जोड़ता है, हमारे कृत्य से कोई भी मानव दुखी न हो। यही संदेश विघ्नहर्ता गणपित का है। - अजयपाल, आयोजक, गणपति महोत्सव।
इमाम हसन हुसैन ने त्याग का संदेश दिया है। गणपति महोत्सव की वजह से मुस्लिमों ने पिछले वर्ष बगैर किसी शिकवा शिकायत के मुहर्रम का रूट बदल दिया था। इस साल रूट पहले से ही खोल देने के लिए वह गणपति महोत्सव समिति के पदाधिकारियों का आभार व्यक्त करते हैं। - हसीन खान, सदर, ईदगाह कमेटी, काशीपुर।