पंतनगर विश्वविद्यालय के समक्ष पर्वतीय कृषि के विकास की चुनौती और प्रमुख जिम्मेदारी है, जिसे प्राथमिकता दी जानी जरूरी है। यह बात बृहस्पतिवार को राज्यपाल एवं विश्वविद्यालय के कुलाधिपति डा. केके पॉल ने पंतनगर विश्वविद्यालय के 30वें दीक्षांत समारोह में मुख्य अतिथि के रूप में कही। प्रशासनिक भवन स्थित दीक्षांत प्रांगण में आयोजित इस समारोह में विशिष्ट अतिथि के रूप में सांसद भगत सिंह कोश्यारी भी मौजूद थे।
राज्यपाल ने कहा कि पर्वतीय कृषि में महिलाओं की प्रमुख भागीदारी को देखते हुए उनके लिए थकान और तनाव कम करने वाले छोटे एवं हल्के कृषि उपकरण विकसित किए जाने चाहिए। उन्होेेंने फल, सूखे मेवे, सगंधीय पौधे और अन्य नकदी फसलों का विभिन्न पर्वतीय क्षेत्रों में उत्पादन किए जाने की जरूरत बताई।
कुलपति डा. जे कुमार ने दीक्षांत समारोह में सभी अतिथियों और उपस्थित जनों का स्वागत करते हुए विश्वविद्यालय की विभिन्न उपलब्धियों का प्रतिवेदन प्रस्तुत किया। विश्वविद्यालय का नाम ब्रिक्स देशों के प्रथम 200 संस्थानों की सूची में इस वर्ष दोबारा आने के बारे में बताने के साथ-साथ उन्होंने विश्वविद्यालय के 109 विद्यार्थियों द्वारा आईसीआर की जेआरएफ और एसआरएफ परीक्षा की प्रतियोगिता में सफल होने और कई विद्यार्थियों का देश के विभिन्न उद्योगों में नियोजित होने के बारे में जानकारी दी।
कुलपति ने आश्वासन दिया कि किसानों के सामने आ रही नयी चुनौतियों का सामना करने के लिए विश्वविद्यालय उनके जवाब तलाशेगा और अपने विद्यार्थियों में इनका सामना करने के लिए दक्षता प्रदान करेगा। इस अवसर पर विश्वविद्यालय की प्रबंध परिषद और विद्वत परिषद् के सदस्यों के साथ-साथ विश्वविद्यालय के महाविद्यालयों के संकाय सदस्य, अधिकारी, कर्मचारी, विद्यार्थी और डीएम चंद्रेश कुमार यादव, एसएसपी सेंथिल अबुदई, एएसपी पंकज भट्ट, एसडीएम पंकज उपाध्याय, सीओ मंजूनाथ टीसी आदि मौजूद थे।
पंतनगर विश्व विद्यालय के दीक्षांत समारोह में राज्यपाल के संबोधन को सुनते विद्याथीर्