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डेरा प्रमुख ने आत्मदाह के लिए थाने में सजाई चिता

Mon, 04 Dec 2017 12:42 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो नानकमत्ता। 
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नानकमत्ता थाना गेट पर चिता सजाते डेरा प्रमुख बाबा तरसेम सिंह। - फोटो : Amar Ujala
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गुरुद्वारा प्रबंधन कमेटी के निलंबित पदाधिकारियों के चुनाव के बाद एक और नया विवाद खड़ा हो गया है। तराई सिख महासभा के एक समर्थक और पूर्व प्रबंधक की पत्नी ने डेरा कारसेवा के प्रमुख बाबा तरसेम सिंह समेत गुरुद्वारा प्रधान और अन्य सदस्यों के खिलाफ तहरीर दी है। बाबा को तहरीर की जानकारी होने पर उन्होंने थाने में अपनी चिता सजा दी और उस पर लेटकर आत्मदाह करने को आग लगाने का प्रयास किया, लेकिन पुलिस ने उन्हें रोक लिया।
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शनिवार को गुरुद्वारा प्रधान जसविंदर सिंह गिल की अध्यक्षता में आयोजित प्रबंधन कमेटी की बैठक में तराई सिख महासभा के प्रदेश अध्यक्ष प्रीतम सिंह संधू को महासचिव, सेवा सिंह को उपप्रधान व केहर सिंह को सचिव पद से निलंबित करने के बाद से खाली पदों पर पदाधिकारियों की नियुक्ति की गई थी। देर शाम तराई सिख महासभा के समर्थक प्रगट सिंह की पत्नी लवजीत कौर ने थाने पहुंचकर एसओ अशोक कुमार को डेरा कारेसवा के बाबा तरसेम सिंह, गुरुद्वारा प्रधान जसविंदर सिंह गिल, प्रबंधक रणजीत सिंह, महासचिव धन्ना सिंह, समिति सदस्य हरभाग सिंह, सेवादार गुरजीत सिंह उर्फ लड्डू के खिलाफ तहरीर दी। आरोप लगाया कि डेरे के बाबा और गुरुद्वारा प्रधान साथियों के साथ सराय में उसके कमरे पर आए और उसे व पति को मारा पीटा। खींचतान से उसके कपड़े भी फट गए।

रविवार को डेरा प्रमुख बाबा तरसेम सिंह को इसकी जानकारी हुई तो वह थाने पहुंच गए। उन्होंने थाना परिसर में ही चिता सजा दी और चिता पर लेटकर कैरोसिन से आग लगाने की कोशिश करने लगे। इससे पुलिस के हाथ-पांव फूल गए और पुलिस कर्मियों ने बाबा को आत्महत्या करने से रोक लिया। डेरा प्रमुख ने कहा कि महिला ने उन पर अनर्गल आरोप लगाए हैं, पुलिस ने जांच किए बिना ही उसकी तहरीर ले ली। संगत ने एसओ अशोक कुमार और खटीमा कोतवाल कैलाश चंद्र भट्ट के तबादले की मांग उठाई। घटना के बाद तनाव की स्थिति पैदा हो गई। एसपी देवेंद्र पिंचा, एसडीएम विनोद कुमार, सीओ बीएल मधवाल पहुंच गए और सितारगंज, खटीमा, झनकइया की पुलिस फोर्स थाने में तैनात कर दी गई है। खबर लिखे जाने तक बाबा के समर्थन में संगत का धरना जारी था।
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तराई सिख महासभा का समर्थक है महिला का पति
आरोप लगाने वाली लवजीत कौर का पति प्रगट सिंह मूलरूप से पंजाब के जबाल थाना क्षेत्र का रहने वाला है, जो 1997 में मय परिवार के ऐतिहासिक गुरुद्वारा श्री नानकमत्ता साहिब आ गया था। गुरुद्वारा साहिब के विभिन्न पदों पर कार्य करने के बाद वर्ष 2006 में प्रगट सिंह को गुरुद्वारा साहिब का खजांची बनाया गया था। वर्ष 2007 में प्रबंधक के पद पर नियुक्ति मिल गई। एक साल के भीतर प्रगट सिंह पर गुरुद्वारा साहिब की गोलक, फार्म हाउस के पैसों में गबन और फिर गुरुद्वारा साहिब की लकड़ी चोरी कर बेच देने के आरोप लग गए। जांच में सही पाए जाने पर तत्कालीन रिसीवर जिलाधिकारी ने मार्च 2008 में प्रगंट सिंह को गुरुद्वारा प्रबंधक के पद से बर्खास्त कर दिया था।
बताया जा रहा है कि प्रगट सिंह टाडा के आरोप में पंजाब के अमृतसर जबाल थाने से जेल भी जा चुका है। 11 माह पहले उच्च न्यायालय की ओर से गुरुद्वारा प्रबंधन कमेटी का चुनाव कराया गया था, जिसमें तराई सिख महासभा के प्रदेश अध्यक्ष प्रीतम सिंह को महासचिव चुना गया। जिसके बाद प्रीतम सिंह ने अपने समर्थक प्रगट सिंह को यहां बुला लिया और सराय के एक कमरे में उसे परिवार के साथ ठहरा दिया। तब से प्रगट सिंह व उसका परिवार सराय के कमरे में रह रहा है। 

गुरुद्वारा प्रबंधक रणजीत सिंह ने बताया कि प्रगट का परिवार नियम के विरुद्ध सराय के कमरे में रह रहा है। गुरुद्वारा नियमावली के तहत तीन दिन तक गुरुद्वारा साहिब के सराय में मुसाफिर के तौर रहा जा सकता है, लेकिन प्रगट को प्रीतम सिंह ने 11 माह से कमरा दे रखा है।
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