खटीमा में प्रेस वार्ता करते विधायक भुवन कापड़ी।
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खटीमा में उप नेता प्रतिपक्ष व खटीमा विधायक भुवन चंद्र कापड़ी ने शनिवार को गेहूं क्रय केंद्रों की व्यवस्थाओं को लेकर एक प्रेस कांफ्रेंस की। उन्होंने सरकार की गेहूं खरीद नीति पर सवाल उठाते हुए कहा कि सरकार केवल पांच लाख क्विंटल गेहूं खरीदने का लक्ष्य रखा है, जबकि धान की खरीद 65 लाख क्विंटल की जाती है। ऐसे में किसानों को उनकी फसल का उचित मूल्य कैसे मिल पाएगा।
विधायक भुवन कापड़ी ने कहा कि सरकार ने किसानों का गेहूं खरीदने के लिए खटीमा क्षेत्र में 35 क्रय केंद्र खोले हैं, लेकिन इनमें से लगभग 75 प्रतिशत केंद्रों को मंडी में शिफ्ट कर दिया गया है, जबकि इन्हें गांवों में स्थापित किया जाना चाहिए था। उन्होंने कहा कि मंडी परिसर में सिर्फ 15 से 20 ट्रालियों के खड़े होने की ही व्यवस्था है, ऐसे में जब 25 से 27 क्रय केंद्र मंडी में संचालित होंगे, तो किसानों की फसल की खरीद कैसे संभव हो पाएगी।
उन्होंने कहा कि जब धान खरीद के दौरान सिर्फ पांच से छह क्रय केंद्र ही मंडी में लगाए जाते थे, तो भी लगभग एक किलोमीटर लंबी लाइनें लग जाती थीं और किसान अपनी उपज की बिक्री के लिए घंटों इंतजार करने को मजबूर रहता था। ऐसे में गेहूं खरीद में 25 से 27 क्रय केंद्र मंडी परिसर में खोलने से किसानों को परेशानी होगी। विधायक ने मंडी में संचालित सभी क्रय केंद्रों को गांवों में स्थापित किया जाए ताकि किसानों को नजदीक में उपज बेचने की सुविधा मिल सके। उन्हाेंने कहा कि खटीमा के 64 गांवों के लिए मात्र 35 केंद्र पर्याप्त नहीं हैं। अशोक फार्म, कुआंखेड़ा, भुडिया थारू, मझोला सहित कई गांवों में बंद किए गए क्रय केंद्रों को दोबारा शुरू किया जाना चाहिए। वहां पर मुकेश कुमार, मो. जरीफ, गुलफाम, गोपाल चंद, रोहित शर्मा आदि थे।