रुद्रपुर। होली पर बाजारों में पारंपरिक मिठाई गुझिया पिछली बार की तुलना में इस बार कई वैरायटी में नजर आ रही हैं। ग्राहक भी इस बार सादी गुझिया की बिक्री के अलावा देसी घी से निर्मित गुझिया को ज्यादा तवज्जो दे रहे हैं। वहीं अलग-अलग कटिंग में उपलब्ध रंगीन चिप्स के प्रति भी लोगों का रुझान अधिक है।
बीते वर्षों के मुकाबले सूखे मेवे और देशी घी वाली गुझिया की मांग अधिक है। दुकानों पर सूखे मेवे से तैयार गुझिया ग्राहकों को आकर्षित कर रही हैं। रिफाइंड तेल में बनी सामान्य गुझिया की खरीदारी पिछली बार से कम है। ग्राहक अब स्वाद, गुणवत्ता के साथ सेहत पर भी ध्यान दे रहे हैं। इसी कारण देशी घी में बनी गुझिया की मांग में वृद्धि हुई है। होली की तैयारी के कारण शहर के मुख्य बाजार में सुबह से ही भीड़ दिखी।
मंगलम स्वीट्स के स्वामी अंकुर अग्रवाल ने बताया उनकी दुकान पर कई प्रकार की गुझिया उपलब्ध हैं। इनकी कीमत 350 रुपये किलो से 580 रुपये किलो तक है। सूखे मेवे और उच्च गुणवत्ता वाली पगी गुझिया 590 रुपये से 700 रुपये किलो तक बिक रही है। उन्होंने बताया कि उपहार पैक में अब लोग मिठाई के बजाय गुझिया को प्राथमिकता दे रहे हैं। होली के उपहार पैक में सूखे मेवे, देशी घी और विशेष स्वाद वाली गुझिया की पैकिंग सबसे ज्यादा की जा रही है।
इसके साथ ही मूंगफली बर्फी, काजू कतली, मिल्क केक, नारियल बर्फी आदि की मांग भी बनी हुई है। इस बार गुझिया की मिठास के साथ स्नैक्स भी जायका बदलेंगे। स्नैक्स के रूप में साबूदाना पापड़ व आलू पापड़ की बिक्री सर्वाधिक हुई। दुकानों पर 100 रुपये से लेकर 200 रुपये तक छोटे पैकेट बिके। उड़द दाल से बनने वाले पापड़ अलग-अलग रेंज में बिके।
रोडवेज बस स्टैंड के निकट चिप्स-पापड़ की दुकान लगाने वाले पिंटू ने बताया कि इस बार वह लगभग 40 हजार रुपये के पापड़-चिप्स के पैकेट लाए थे जो लगभग बिक चुके हैं। कुछ ही पैकेट शेष हैं वह भी शाम तक बिक जाएंगे। खरीदारी कर निकल रही अंशिका व रोशनी पटेल ने बताया कि इस बार बोर्ड परीक्षा में व्यस्तता के कारण घर में पापड़ और चिप्स नहीं बना सके। होली के दिन आने वाले मेहमानों का लुत्फ बढ़ाने के लिए दुकान से ही चार पैकेट साबूदाना और आलू के पापड़ खरीदें हैं। उन्होंने कहा कि चावल के आटे से तैयार होने वाले कचरी और पापड़ सस्ते हैं।