शनिवार को गर्भ में बच्चे की मौत से आक्रोशित वाल्मिकी समाज के लोगों और नगरवासियों, जनप्रतिनिधियों ने अस्पताल में महिला चिकित्सक की तैनाती के लिए प्रदर्शन किया। उन्होंने यहां तैनात महिला स्वास्थ्य कर्मियों को हटाने की मांग भी की। धरना स्थल पर पहुंचे दर्जा मंत्री सफाई कर्मचारी आयोग उपाध्यक्ष संतोष गौरव और सीएचसी सितारगंज अधीक्षक डॉ. विनय यादव के कार्रवाई के आश्वासन पर धरना समाप्त हुआ।
वार्ड एक निवासी वीरपाल वाल्मिकी की पत्नी गीता के प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र में प्रसव के दौरान गर्भ में ही बच्चे की मौत हो गई थी। परिजनों ने ड्यूटी में तैनात महिला कर्मियों पर लापरवाही का आरोप लगाते हुए सभी महिला कर्मियों को हटाने की मांग करते हुए जमकर हंगामा काटा था। बुधवार को सीएचसी अधीक्षक ने कार्रवाई करते हुए दोनों को सितारगंज अस्पताल अटैच कर दिया था।
इससे असंतुष्ट लोगों ने बृहस्पतिवार को नगर पंचायत चेयरमैन सुकांत ब्रहम, पूर्व चेयरमैन अजय जायसवाल, पूर्व सभासद रमेश राय, ग्राम प्रधान किशोर राय की अगुवाई में प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र में धरना प्रदर्शन आरंभ किया। उन्होंने समस्या का समाधान होने तक धरने पर बैठने की चेतावनी दी। इधर, धरनास्थल पहुंचे दर्जा मंत्री संतोष गौरव ने सीएमओ से फोन पर वार्ता कर समाधान कराने को कहा।
सीएमओ के निर्देश पर धरनास्थल पहुंचे चिकित्साधीक्षक डॉ. विनय यादव ने दोनों आरोपी महिला कर्मियों का स्थानांतरण रुद्रपुर करने, दोनों के खिलाफ विभागीय जांच बैठाने, हफ्ते में दो दिन महिला चिकित्सक की तैनाती करने एवं एंबुलेंस की शीघ्र ही व्यवस्था करने का आश्वासन दिया। वहां पर तपन सरकार, रबिन खान, देवेंद्र मेहरोत्रा, कैलाश पाठक, अमरपाल, परमजीत सिंह, प्रेम अरोरा, रमन जायसवाल, बाबू लाल, लक्खो देवी, सुनीता देवी आदि थे।