जसपुर। ग्राम पतरामपुर में सरकारी रास्ते के नाम पर दुकानों को तोड़े जाने के मामले में पीड़ितों की शिकायत पर प्रशासन ने जांच शुरू कर दी है। जिलाधिकारी ने मामले की निष्पक्ष जांच के लिए अपर जिलाधिकारी की अध्यक्षता में तीन सदस्यीय जांच समिति गठित की है। समिति को एक माह के भीतर जांच पूरी कर रिपोर्ट प्रस्तुत करने के निर्देश दिए गए हैं।
भाकियू युवा के ब्लॉक अध्यक्ष अमनप्रीत सिंह ने बताया कि 29 मई 2023 को तहसील प्रशासन की ओर से ग्राम पतरामपुर में खसरा नंबर 290 के स्थान पर खसरा नंबर 287 की भूमि को सरकारी रास्ता बताते हुए अतिक्रमण हटाने की कार्रवाई की गई थी। उनका आरोप है कि कार्रवाई में गलत खसरा नंबर की भूमि को सरकारी रास्ता दर्शाया गया जिससे करीब 28 लोग प्रभावित हुए और कई गरीब परिवारों की रोजी-रोटी का जरिया छिन गया। कार्रवाई के बाद से प्रभावित लोग लगातार मामले की निष्पक्ष जांच और क्षतिपूर्ति की मांग कर रहे हैं। बीते दिन पीड़ितों ने जिलाधिकारी से मुलाकात कर पूरे प्रकरण से अवगत कराया और राजस्व अभिलेखों के आधार पर जांच कराने की मांग की। पीड़ितों का कहना है कि यदि जांच में खसरा नंबर 287 और 290 को लेकर हुई कार्रवाई में अनियमितता सामने आती है तो जिम्मेदार अधिकारियों और कर्मचारियों की भूमिका भी तय की जानी चाहिए। डीएम ने शिकायत को गंभीरता से लेते हुए एडीएम की अध्यक्षता में तीन सदस्यीय समिति गठित कर दी है। समिति राजस्व अभिलेख, मौके की स्थिति और पूर्व में की गई कार्रवाई से संबंधित दस्तावेज की जांच करेगी। एक माह में रिपोर्ट आने के बाद आगे की कार्रवाई की जाएगी। जांच समिति गठित होने से प्रभावित लोगों को मामले में न्याय मिलने की उम्मीद जगी है।