डेल्फी टीवीएस श्रमिकों के अनशन के आठवें दिन तीन श्रमिकों की हालत बिगड़ गई। जिसमें से एक श्रमिक बेहोश हो गया। इस श्रमिक के संबंध में डीएम से वार्ता करने गए शिष्टमंडल को डीएम ने फटकार लगा दी। इससे गुस्साए सैकड़ों श्रमिकों ने डीएम ऑफिस के गेट पर बेहोश श्रमिक को रखकर प्रदर्शन किया।
वे डीएम से बेहोश श्रमिक को देखने और प्रबंधन पर कार्रवाई की मांग कर रहे थे। वहीं मौके पर पहुंची पुलिस ने बल प्रयोग करके श्रमिकों को खदेड़ दिया। इस दौरान श्रमिकों और पुलिस के बीच नोक-झोंक भी हुई। बाद में बेहोश श्रमिक को अस्पताल में भर्ती कराया गया है, जहां उसकी हालत चिंताजनक बनी हुई है।
डेल्फी टीवीएस के 10 श्रमिक शनिवार को आठवें दिन भी अनशन में बैठे रहे। सुबह 11 बजे जिला अस्पताल के डाक्टरों की टीम ने श्रमिकों का स्वास्थ्य परीक्षण किया। इस दौरान श्रमिकों के वजन में भारी गिरावट देखी गई। डाक्टरों की टीम ने 3 श्रमिकों की हालत चिंताजनक बताते हुए अस्पताल में भर्ती कराने की बात की। डाक्टरों की टीम के जाने के बाद भीम सिंह का स्वास्थ्य बिगड़ गया और वह बेहोश होकर गिर गया। श्रमिकों ने पानी डालकर उसको उठाने का प्रयास किया, लेकिन वह नहीं उठा।
इसके बाद श्रमिकों का शिष्टमंडल डीएम से मिला और उसने प्रबंधन से बात करानेे और बेहोश श्रमिक को अस्पताल पहुंचाने की गुहार की। इसी बीच डीएम ने श्रमिकों को फटकार लगा दी। इससे गुस्साए सैकड़ों श्रमिक बेहोश श्रमिक को लेकर डीएम ऑफिस के सामने बैठ गए। वे प्रबंधन को बुलाने और डीएम से बाहर आकर उनसे वार्ता करने की बात करने लगे। इसी बीच कुछ श्रमिकों ने डीएम कार्यालय का चैनल खोलने का प्रयास किया। इस पर डीएम की सुरक्षा में तैनात पुलिस कर्मियों ने श्रमिकों को धक्का देकर चैनल में ताला लगा दिया। यह देख गुस्साए श्रमिकों ने फैक्ट्री प्रबंधन और डीएम के खिलाफ नारेबाजी शुरू कर दी।
मौके पर पहुंचे एसडीएम अनिल शुक्ला की भी श्रमिकों से धक्का-मुक्की हुई। इस दौरान एसडीएम को पुलिस फोर्स मंगाना पड़ा। पुलिस फोर्स ने बल प्रयोग करते हुए श्रमिकों को कलक्ट्रेट ऑफिस से खदेड़ दिया। इस दौरान श्रमिकों को पुलिस कर्मियों की श्रमिकों से झड़प भी हुई। श्रमिक बेहोश श्रमिक को प्रबंधन और डीएम के बाहर आने तक अस्पताल नहीं ले जाने में अड़े रहे। पुलिस ने जबरन बेहोश श्रमिक को जिला अस्पताल में भर्ती कराया।
प्रबंधन पर दबाव डालने का किया था अनुरोध
श्रमिक का शिष्टमंडल डीएम से मिला, उन्होंने डीएम से प्रबंधन के ऊपर दबाव डालने का अनुरोध किया। उन्होंने अनशन के दौरान होने वाली सभी जिम्मेदारी प्रशासन के ऊपर डाल दी। इस पर डीएम नाराज हो गए। उन्होंने श्रमिकों को फटकार लगाते हुए अनशनकारियों की मौत हो जाने पर श्रमिकों पर मुकदमा दर्ज करने की धमकी दे डाली। वहीं उन्होंने श्रमिकों के तंबू उखाड़कर सड़क पर फेंकने की बात भी कही।
एसडीएम के साथ भी हुई धक्कामुक्की
मौके पर श्रमिकों को समझाने पहुंचे एसडीएम अनिल कुमार शुक्ला के साथ श्रमिकों की धक्कामुक्की हो गई। वह डीएम को मौके पर बुलाने और प्रबंधन से तुरंत वार्ता कराने की बात पर अड़ गए। श्रमिकों का आरोप था कि एसडीएम प्रबंधकों के साथ मिलकर उनका शोषण कर रहे हैं।