उत्तराखंड राज्य आंदोलन के अग्रज रहे सात शहीदों में से पांच के आश्रित मुख्यमंत्री हरीश रावत के आमंत्रण पर उनके साथ भोज में सम्मलित होने के लिए रवाना हो गए हैं। अलग राज्य निर्माण में नींव के पत्थर साबित हुए सात शहीदों में रामपाल यूपी निवासी है।
उसके परिजन यूपी के किसी गांव में रहते हैं। रतनपुर निवासी शहीद गोपीचंद की पत्नी माया देवी किसी कारणवश सीएम के भोज में सम्मलित होने देहरादून नहीं जा पा रही हैं। शेष पांच शहीदों के आश्रित सोमवार शाम देहरादून रवाना हो गए। बता दें कि उत्तराखंड राज्य आंदोलन में सात शहीदों प्रताप सिंह मनौला झनकट, भगवान सिंह सिरौला श्रीपुर बिचुवा, धर्मानंद भट्ट उमरुकला, गोपी चंद रतनपुर, रामपाल बरेली यूपी, परमजीत सिंह राजीव नगर और सलीम इस्लाम नगर ने शहादत दी थी।
बीते सप्ताह जनसंवाद कार्यक्रम में पहुंचे सीएम रावत ने राज्य आंदोलन में शहादत देने वाले शहीदों के आश्रितों को 16 फरवरी को भोज में देहरादून आमंत्रित किया था। सीएम रावत के आमंत्रण पर सात में से पांच शहीदों के आश्रित जगत सिंह, अब्दुल रसीद, सरन कौर, देवकी देवी, मोहन चंद्र भट्ट सोमवार रात आठ बजे देहरादून रवाना हो गए। इनके साथ राजस्व विभाग की टीम के साथ वरिष्ठ आंदोलनकारी कै. शेर सिंह दिगारी आदि थे। ब्यूरो