गदरपुर में अरविंद के माता श्यामलाल और मां भूरी।
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सरदारनगर गांव में बीते वर्ष दीपावली से कुछ दिनों पहले गांव का एक युवक पटाखों के धमाके का शिकार हो गया था। कुछ ही दिन बाद उसके बड़े भाई का विवाह होने वाला था। परिजन शादी की तैयारियों में जुटे थे। पिछली दीपावली में हुए हादसे को बताते हुए माता-पिता फफक कर रो पड़े।
सरदार नगर निवासी श्यामलाल मजदूरी कर परिवार का भरण पोषण करते हैं। उनके बड़े बेटे अमित का आठ नवंबर 2019 को विवाह होना था। जिसको लेकर घर में खुशियों का माहौल था। उनका छोटा बेटा अरविंद गदरपुर में बाइक की सर्विसिंग का काम करता था। 14 अक्तूबर 2019 का दिन उनके परिवार के लिए काला दिन बनकर आया। अरविंद परिजनों के मना करने के बावजूद साथियों के साथ बाहर पटाखे जलाने चला गया।
अरविंद हेडफोन लगाकर बैठा था तभी अचानक एक साथी ने पटाखा जलाया। जलाते समय पटाखे को स्टील के गिलास से ढका था। पटाखा धमाके के साथ फटा तो स्टील का गिलास टुकड़े-टुकड़े होकर बिखर गया। गिलास का एक टुकड़ा करीब बैठे अरविंद के सीने में जाकर धस गया और अस्पताल में उसकी मौत हो गई। घटना के समय अरविंद की मां भूरी बड़े बेटे के विवाह की खरीदारी के लिए बरेली गई थीं और पिता घर पर रंगाई-पुताई का काम करवा रहे थे।
श्यामलाल ने बताया कि अरविंद ने उनसे बाइक लेने की जिद की थी। उन्होंने उसे बाइक दिलाई थी जो आज भी घर में अरविंद की याद के रूप में खड़ी है। माता भूरी ने कहा काश अरविंद हमारी बात मान लेता और पटाखे चलाने न जाता तो शायद यह घटना भी घटित नहीं होती। उन्होंने बताया कि बड़े पुत्र का आठ नवंबर को विवाह तय था, जिसे बेहद साधारण तरीके से संपन्न कराया गया। उन्होंने कहा कि दीपावली हम लोग पटाखों के बगैर भी मना सकते हैं। इससे पर्यावरण प्रदूषित होने से बचेगा। साथ ही कई परिवारों की खुशियां भी छिनने से बचेंगीं। वहीं, ग्राम प्रधान शिल्पी खेड़ा ने पटाखों के बिना दीपावली पर्व को मनाने की अपील की।
बगैर पटाखों के दीपावली मनाने का संकल्प लिया
गदरपुर। पिछले वर्ष दीपावली पर चकरपुर गांव में प्रीतम सिंह का 13 वर्षीय पुत्र शिवा पटाखे चलाने के दौरान गंभीर रूप से झुलस हो गया था। उस समय परिवार दीपावली के लिए बाजार में खरीदारी को गया हुआ था। शिवा का रुद्रपुर के एक अस्पताल में इलाज चला। इलाज से मासूम शिवा की जान तो बच गई लेकिन आज भी उसके पैरों, सीने और शरीर के अन्य हिस्सों पर पड़े निशान देखकर शिवा और परिजन सहम जाते हैं। प्रीतम सिंह के परिवार ने दीपावली को पटाखों के बिना मनाने का संकल्प लिया है।