एलडी भट्ट अस्पताल में कार्यरत संविदा कर्मचारियों का कार्यकाल बढ़ाए जाने पर अधिकारी असमंजस में हैं। 15 जुलाई को अस्पताल में कार्यरत दस संविदा कर्मचारियों का कार्यकाल समाप्त हो रहा है। अधिकारियों ने कहा कि डीएम की संस्तुति पर ही कार्यकाल बढ़ाया जा सकता है।
अस्पताल में प्रबंध समिति समय-समय पर जरूरत के अनुसार संविदा कर्मचारी रखती है। समिति के प्रबंधक डीएम होते हैं और उनकी संस्तुति पर ही इनका कार्यकाल बढ़ाया जाता है। 2018 में प्रदेश सरकार ने एक शासनादेश जारी कर संविदा की नियुक्तियों पर रोक लगा दी थी। उसके स्थान पर आउटसोर्सिंग से ही कर्मचारी रखे जाने का नियम है। एलडी भट्ट सरकारी अस्पताल में दस संविदा कर्मचारी हैं जो चतुर्थ श्रेणी में काम करते हैं।
प्रबंध समिति ने अलग-अलग समय पर इन्हें रखा था। अस्पताल अधीक्षक डॉ. पीके सिन्हा ने बताया कि पूर्व में डीएम ने इनका कार्यकाल एक साल के लिए बढ़ा दिया था जो इस साल 15 जुलाई को समाप्त हो रहा है। अब अगर डीएम संस्तुति करे तो कर्मचारियों का कार्यकाल बढ़ सकता है। संविदा कर्मचारियों में से दो कर्मचारी पोस्टमार्टम हाउस में तैनात हैं। अगर इनका कार्यकाल भी समाप्त कर दिया गया तो पोस्टमार्टम हाउस में डॉक्टरों की मदद करने के लिए कुशल कर्मचारी नहीं होंगे।
तीन माह का बकाया और सेवा विस्तार की मांग
काशीपुर। एलडी भट्ट सरकारी अस्पताल में संविदा पर कार्यरत कर्मचारियों ने मंगलवार को उनके बकाया वेतन भुगतान और सेवा विस्तार की मांग पर चिकित्सा अधीक्षक को ज्ञापन सौंपा। कर्मचारियों ने कहा कि एक तरफ अस्पताल प्रबंधन उन्हें हटाने की तैयारी कर रहा है दूसरी तरफ उनका तीन माह का वेतन रोका है। वेतन न मिलने से उनकी आर्थिक स्थिति खराब है। उन्होंने सेवा विस्तार की मांग भी की।
उनका कहना था कि अस्पताल प्रबंधन कोरोना काल का हवाला देकर उनके सेवा विस्तार की संस्तुति डीएम से करा सकता हैं। इससे उनका शोषण नहीं होगा। मरीजों की सेवा करते हुए एक संविदा कर्मचारी को कोरोना भी हुआ था उसके साथ भी जिला प्रशासन और अस्पताल को न्याय करना चाहिए। अस्पताल अधीक्षक ने प्रदर्शन कर रहे कर्मचारियों से कहा कि डीएम के आदेश के अनुसार ही वह कोई निर्णय ले सकते हैं। वहां परनीमा देवी, तारावती, सुभाष, मोहम्मद असलम, जगवीर, इंदर सिंह, शादाब, शिव चरण आदि थे।