काशीपुर। एक प्राइवेट अस्पताल में उपचार के दौरान एक व्यक्ति की मौत हो गई। 50 हजार रुपए का भुगतान न होने पर डॉक्टरों ने शव नहीं दिया। मृतक के परिजनों ने मौत के लिए डॉक्टरों पर लापरवाही का आरोप लगाकर अस्पताल में जमकर हंगामा किया। सूचना पर पहुंची पुलिस ने शव को कब्जे में लिया। पोस्टमार्टम कराने के बाद शव परिजनों को सौंप दिया।
रविवार को वार्ड 18 ईदगाह रोड ठाकुरद्वारा निवासी इस्माइल पुत्र अब्दुल मजीद ने कोतवाली में तहरीर देकर कहा कि 26 फरवरी को उसके पिता अब्दुल मजीद (44) को एक बाइक सवार ने टक्कर मार दी थी। इससे उसके पिता गंभीर रूप से घायल हो गए थे। उसने घायल पिता को सरकारी अस्पताल ठाकुरद्वारा में भर्ती कराया। जहां से डॉक्टरों ने उसके पिता की हालत गंभीर होने पर रेफर कर दिया।
बाद में उसने अपने पिता को काशीपुर में रामनगर रोड स्थित एक प्राइवेट अस्पताल में भर्ती कराया। डॉक्टरों ने भर्ती करते समय 50 हजार रुपए जमा करा लिए। उसने बताया कि डॉक्टरों ने उनसे मरीज को 72 घंटे या छह से सात महीने के बाद होश में आने की बात कही। रविवार की सुबह डॉक्टर ने उनके पिता की मृत्यु होने की बात कहकर एक लाख का बिल थमा दिया। बताया कि उसके परिजन काफी देर तक शव लेने के लिए डॉक्टर के आगे गिड़गिड़ाते रहे लेकिन डॉक्टर ने कहा कि रुपए जमा करने के बाद ही शव दिया जाएगा। इस्माइल ने उपचार में लापरवाही करने वाले डॉक्टर के खिलाफ कार्रवाई की मांग की।