बरी गांव के ग्राम प्रधान, ग्राम विकास अधिकारी और रोजगार सेवक पर कार्रवाई तय है। तीनों को मनरेगा के तहत मृत महिला के खाते में भुगतान करने, दूसरे का पैसा निकालने का दोषी पाया गया है। सीडीओ ने डीपीआरओ, डीडीओ को आरोपियों के खिलाफ कार्रवाई का निर्देश दिया हैं।
ग्राम बरी के बीडीसी सदस्य रणजीत सिंह ने डीएम डा. पंकज कुमार पांडेय से शिकायत कर कहा था कि ग्राम प्रधान ने मृत महिला को मनरेगा में काम करना दिखाकर भुगतान करवा लिया। इसी तरह झम्मन लाल ने मनरेगा में काम नहीं किया गया लेकिन इनके खाते में पैसे जमा किए गए।
इस पर डीएम ने सीडीओ ईवा आशीष श्रीवास्तव को मामले की जांच सौंपी थी। जांच के दौरान सीडीओ को दोनों शिकायतें सही मिलीं।
मस्टररोल पर ग्राम प्रधान, ग्राम विकास अधिकारी, रोजगार सहायक के हस्ताक्षर मिले। इस पर सीडीओ ने जांच रिपोर्ट डीएम को सौंप दी है। साथ ही ग्राम प्रधान के खिलाफ डीपीआरओ, रोजगार सेवक, ग्राम विकास अधिकारी पर कार्रवाई के लिए डीडीओ को पत्र लिखा है।