दिल्ली में किसान रैली में जा रहे कांग्रेसियों और शांति विहार कालोनी निवासी व्यापारी के बीच मारपीट हो गई। सूचना पर पहुंची पुलिस ने मामले की जानकारी ली। साथ ही दोनों ही पक्षाें के चार लोगों का मेडिकल परीक्षण करवाया। बाद में दोनों पक्षों ने एक दूसरे पर मारपीट का आरोप लगाते हुए पुलिस को तहरीर सौंपी।
शनिवार देर रात किसी बात पर बाइक सवार व्यापारी चिराग आहूजा और दिल्ली किसान रैली में शामिल होने जा रहे बस सवार कांग्रेसियों के बीच विवाद हो गया था। बात बढ़ी तो दोनों ही पक्षों के लोगों में जमकर मारपीट हुई। सूचना पर कोतवाल जेसी पाठक, एसएसआई आरसी मखौलिया, बाजार चौकी इंचार्ज जसवीर चौहान पुलिस कर्मियों के साथ मौके पर पहुंचे और मामले की जानकारी ली। साथ ही दोनों ही पक्षों के लोगों को पुलिस कोतवाली ले आई। जहां पुलिस ने शांति विहार कालोनी निवासी व्यापारी चिराग कालरा के साथ ही दूसरे पक्ष के हल्द्वानी जय दुर्गा कालोनी निवासी कांग्रेसी सुशील डुंगराकोटी, हल्द्वानी आवास विकास निवासी गुरमीत सिंह और रामपुर रोड गली नंबर छह निवासी मनजीत सिंह का मेडिकल परीक्षण करवाया। बाद में दोनों ही पक्षों ने एक दूसरे के खिलाफ कार्रवाई की मांग को लेकर तहरीर सौंपी। जिसमें एक पक्ष के चिराग आहूजा ने पुलिस को तहरीर सौंपकर कहा कि नैनीताल रोड पर हल्द्वानी से दिल्ली किसान रैली में शामिल होने जा रहे कांग्रेसियों ने उससे गालीगलौज करते हुए उसकी बाइक को ओवरटेक करने का प्रयास किया। डीडी चौक पर उसकी बाइक के आगे बस खड़ी कर उसका रास्ता रोक दिया और उससे गालीगलौज करते हुए मारपीट शुरु कर दी। आरोप है कि इस दौरान बस में सवार कांग्रेसियों ने उससे जमकर मारपीट की और करीब 1.35 लाख रुपए कीमत की सोने की चेन भी छीन ली। वहीं दूसरे पक्ष के लोगों ने तहरीर सौंप कहा कि चिराग कालरा ने डीडी चौक पर जबरन उनकी बस के आगे बाइक खड़ी कर दी और बस में घुसकर गालीगलौज करने लगा। जब उसे समझाने का प्रयास किया तो वह हाथापाई पर उतर आया। कोतवाल जेसी पाठक ने बताया कि मामले की जांच की जा रही है।