विदेश में नौकरी और घर बैठे आमदनी सहित अन्य लालच देकर तीन लोगों से 6.93 लाख की ठगी
खबर 01
दुबई में नौकरी लगवाने का झांसा देकर 2.30 लाख हड़पे, फर्जी वीजा थमाया
पुलिस ने पिता-पुत्रों सहित पांच लोगों पर केस दर्ज
रुद्रपुर। दुबई भेजकर नौकरी दिलाने का झांसा देकर एक व्यक्ति से दो लाख 30 हजार रुपये की धोखाधड़ी की गई। उसे दुबई का फर्जी वीजा थमा दिया गया। कोर्ट के आदेश पर पुलिस ने पिता-पुत्रों सहित पांच आरोपियों के खिलाफ केस दर्ज किया है।
वार्ड नंबर पांच खेड़ा कॉलोनी निवासी राजेश कुमार शर्मा ने जिला न्यायालय में दिए प्रार्थना पत्र में कहा है कि कुछ साल पहले उसकी जगतपुरा ट्रांजिट कैंप निवासी मिथुन हलदार से पहचान हुई। मिथुन ने बताया कि उसने अपने भाई राजू हलदार के साथ मिलकर लोगों को वीजा बनाकर विदेश में नौकरी के लिए भेजने का काम किया है। उसने दुबई भेजकर 80 हजार से एक लख रुपये की नौकरी दिलाने का झांसा दिया।
मिथुन उसे काशीपुर रोड में फ्लाईओवर के पास अपने दफ्तर में ले गया और अपने भाई राजू हलदार, सुनील हलदार, सतपाल सिंह निवासी ग्राम मलसा और पार्टनर गुरबाज सिंह ने मुलाकात कराई।
आरोपियों ने उससे कहा कि विदेश में नौकरी लगवाने में ढाई लाख का खर्च आता है और वह दो साल के वर्किंग वीजा के साथ नौकरी देते हैं। अगर वह आज पंजीकरण कराए तो दस फीसदी छूट मिलेगी। इस पर उससे पंजीकरण के नाम पर 15000 रुपये जमा कराए गए। आरोपियों के कहने पर उसने अपने सभी शैक्षिक और मूल दस्तावेज आरोपियों के कार्यालय में जमा कर दिए। अगल-अलग किश्तों में आरोपियों ने उससे 2.30 लाख रुपये ले लिए।
आरोपियों ने उसे दुबई का फर्जी वीजा दिया और दुबई भेजने के नाम पर टालमटोली करने के साथ ही उससे एक लाख रुपये की मांग की। उसकी ओर से मना करने पर आरोपियों ने मारपीट और जान से मारने की धमकी दी। उसने कहा कि आरोपियों ने सुनियोजित साजिश कर उसके रुपये हड़प लिए और मूल दस्तावेज भी वापस नहीं किए। इन दस्तावेजों का आरोपी दुरूपयोग कर सकते हैं। आरोपियों ने अपना कार्यालय भी बदल दिया है। उसने 15 मई को रुद्रपुर कोतवाली और 17 अगस्त को एसएसपी कार्यालय में प्रार्थना पत्र दिया था, लेकिन सुनवाई नहीं हुई। पुलिस ने मामले में केस दर्ज कर विवेचना शुरू कर दी है।
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खबर 02
सेना का अधिकारी बन बस बुक की और फिर लगा दिए 78,997 रुपये का चूना
ठग ने मोबाइल पर कॉल कर खुद को बताया था सेना का अफसर
रुद्रपुर। एक ठग ने खुद को सेना का अफसर बताकर एक बस को बुक किया और फिर भुगतान का झांसा देकर बस मालिक को 78,997 रुपये का चूना लगा दिया। एसएसपी के निर्देश पर पुलिस ने बस मालिक की शिकायत पर अज्ञात के खिलाफ केस दर्ज किया है।
वार्ड नंबर 27 सुभाष कॉलोनी निवासी शाहबाज हुसैन ने कहा कि 27 जून को उसके नंबर पर एक व्यक्ति ने कॉल कर अपना नाम गौरव और खुद को सेना का अधिकारी बताया। उसने कहा कि उसे चीनी मिल से देहरादून जाना है। बस को काशीपुर रोड पर तेल मिल के पास ले आओ, वहां वे मिलेंगे। इसके बाद वह अपनी 42 सीटर बस लेकर तेल मिल के पास गया तो वहां कॉलर नहीं मिला था। इस पर उन्होंने कॉलर को फोन कर बुकिंग राशि 18,000 रुपये एडवांस में मांगी थी। कॉलर ने बताया कि सेना का नियम है कि पहले बस की बुकिंग राशि उनके खाते में ऑनलाइन जमा कराओ और बुकिंग ड्यूटी समाप्त होने पर बुकिंग राशि और जमा की गई राशि एक साथ वापस की जाएगी।
इस पर उन्होंने पहले एक रुपया और फिर 17,999 रुपये बताए खाते में ट्रांसफर कर दिए। कॉलर ने ट्रांजेक्शन लेट होने की बात कहकर धनराशि हेडऑफिस में नहीं मिलने की बात कही। इसके बाद उससे दो बार 17999 और एक बार 24,999 रुपये ट्रांसफर कराए गए। उसने कुल 78997 रुपये ट्रांसफर कर दिए।
सेना के अधिकारी ने ऑफिस से अनुमति लेकर गार्ड को भेजने और बस लेकर गार्ड के साथ आने की बात कही। वह काफी देर तक सड़क किनारे बस खड़ी कर इंतजार करता रहा, लेकिन न तो फोन आया और न ही गार्ड आया। कहा कि कथित सेना के अधिकारी ने उससे 78,997 रुपये ठग लिए। पुलिस ने ठग के खिलाफ केस दर्ज कर चिन्ह्ति करने की कार्यवाही शुरू कर दी है।
खबर 03
घर बैठे ऑनलाइन रुपये कमाने के लालच में गंवाए 3,85 लाख
साइबर ठग ने टेलीग्राम लिंक भेजकर फेंका था ठगी का जाल
रुद्रपुर। घर बैठे मोबाइल पर ऑनलाइन रुपये कमाने का लालच एक व्यक्ति को भारी पड़ गया। साइबर ठग के जाल में फंसकर एक व्यक्ति ने तीन लाख 85 हजार रुपये गंवा दिए।
ग्राम जहांगीपुर निवासी गुरप्रताप जुनेजा ने साइबर सेल में दी तहरीर में कहा कि पांच जुलाई को उसके व्हाट्सएप नंबर पर यू ट्यूब वीडियो देखकर रुपये कमाने का मैसेज आया था। उसे टेलीग्राम का लिंक भेजकर चैट करने के लिए कहा गया और उसकी एवज में उसे 150 रुपये दिए गए। इसके बाद टेलीग्राम ग्रुप में जोड़कर वीडियो टास्क पूरा करने पर 50 रुपये दिए गए। फिर एक वेलफेयर टास्क दिया गया और एक खाते में 2000 रुपये जमा करने को कहा गया। रुपये जमा करनेके बाद उससे एक लिंक में टास्क कराया गया और डेशबोर्ड में उसकी धनराशि 2800 रुपये हो गई। इसके बाद उसे विभिन्न टास्क कराकर रुपये बढ़ाकर दर्शाए गए और रुपये भी जमा कराए गए। विभिन्न टास्क पूरा करने पर उसकी धनराशि डेशबोर्ड में 8,16,800 रुपये हो गई। जब उसने खाते में रुपये मांगे तो बताया गया कि न्यूनतम 1500000 रुपये निकाले जा सकते हैं। यदि रुपये वापस चाहिए तो 6,83,200 रुपये जमा कराने होंगे। बताया कि अब तक विभिन्न किश्तों में 3,85,000 रुपये जमा कराए गए। उसको जमा की गई धनराशि वापस नहीं की गई। उन्होंने विभिन्न खाता नंबर देते हुए ठगों से रुपये वापस दिलाने की मांग की है। पुलिस ने मामले में केस दर्ज कर विवेचना शुरू कर दी है।