धान खरीद न होने से गुस्साए किसानों ने हाईवे किया जाम, सड़क पर जलाया धान
रुद्रपुर। कच्चा आढ़तियों की ओर से धान खरीद नहीं होने से भड़के किसानों ने एनएच-74 जाम कर सड़क पर ही धान जला दिया। इस दौरान नानकपुरी टांडा से आए एक किसान ने जलते धान में आत्मदाह की कोशिश की। एसएसपी मंजूनाथ टीसी समेत अन्य किसानों ने उक्त किसान को वहां से हटाया। जिला प्रशासन के आश्वासन के बाद किसान दोबारा गल्ला मंडी स्थित धरना स्थल पर जाकर बैठ गए।
राइस मिलर्स (कच्चा आढ़ती) की ओर से किसानों के धान खरीद नहीं होने से भड़के किसानों ने सोमवार को तराई किसान संगठन के बैनर तले गल्ला मंडी में प्रदर्शन शुरू किया। इसके बाद जुलूस की शक्ल में किसान एनएच-74 पहुंच गए। किसानों ने हाईवे की एक लेन में जाम लगाया और वहां धरने पर बैठ गए। विरोध और प्रदर्शन को देखते हुए मौके पर पुलिस फोर्स के साथ गदरपुर एसडीएम गौरव पांडे पहुंचे लेकिन किसानों ने उनकी एक न सुनीं। किसान हाईवे में ही धरना देकर धान जलाने लगे। मौके पर पहुंचे एसएसपी मंजूनाथ टीसी ने हाईवे जाम देखते हुए पुलिस बल को सस्पेंड करने की चेतावनी दे दी।
एसएसपी मंजूनाथ टीसी ने किसानों को धान खरीद का भरोसा दिलाते हुए हाईवे से हटाया। उसके बाद दोबारा किसान गल्ला मंडी स्थित धरना स्थल पर पहुंच गए। धरना स्थल पर पहुंचे धान खरीद के नोडल अधिकारी व एडीएम जयभारत सिंह, डिप्टी आरएमओ अशोक कुमार ने तराई किसान संगठन के राष्ट्रीय अध्यक्ष तजिंदर सिंह विर्क और किसानों के साथ गल्ला मंडी में बैठकर वार्ता की। वार्ता में तय हुआ की आरएफसी की ओर से कच्चा आढ़तियों को धान खरीद का कोड देना शुरू कर दिया जाएगा। मंगलवार से कच्चा आढ़ती किसानों के धान खरीदना शुरू कर देंगे। वहां किसान आयोग के उपाध्यक्ष राजपाल सिंह, ठाकुर जगदीश सिंह, जसवीर सिंह, विक्रमजीत सिंह, गुरनाम सिंह, धारीवाल इकबाल, गुरजीत सिंह, दिलबाग सिंह आदि थे।
किसानों से खरीदा जा रहा 1700 प्रति क्विंटल धान : विर्क
किसानों को 500 रुपये प्रति क्विंटल हो रहा नुकसान, 50 प्रतिशत से अधिक किसानों का सस्ते दामों में बिका धान
रुद्रपुर। तराई किसान संगठन के अध्यक्ष तजिंदर सिंह विर्क ने कहा कि प्रदेश में 2200 रुपये प्रति क्विंटल न्यूनतम समर्थन मूल्य के सापेक्ष मंडियों में किसानों का धान 1700 प्रति क्विंटल धान खरीदा जा रहा है। इससे किसानों को 400 रुपये से लेकर 500 रुपये प्रति क्विंटल तक नुकसान हो रहा है।
गल्ला मंडी में धरना स्थल के दौरान तजिंदर सिंह विर्क ने कहा कि 23 सितंबर को जिला प्रशासन को धान की बैठक में आगाह किया गया था कि एक अक्तूबर तक सरकार खरीद व्यवस्था शुरू कर दे लेकिन नौ तारीख होने तक कच्चा आढ़ती की खरीद शुरू नहीं हो सकी है। 50 प्रतिशत से अधिक किसानों का धान सस्ते दामों पर बिक चुका है।
कहा कि सरकारी केंद्रों पर नमी होने के कारण किसान अपना धान तुलवाने में असमर्थ है। कच्चा आढ़ती के पास नमी के आधार पर भी धान बेचा जा सकता है लेकिन हर वर्ष कच्चा आढ़ती धान खरीद के सीजन में हड़ताल पर चले जाते हैं। इस बीच किसानों के धान की फसल की लूट हो जाती है। राइस मिलर्स औने पौने दामों पर किसानों को धान खरीद कर मिलों में स्टॉक कर लेते हैं। बाद में उसी धान को किसानों के नाम पर चढ़ाकर सरकार से पूरे दाम वसूलते हैं।
आरोप लगाया कि इस खेल में खाद्य विभाग के अधिकारी भी शामिल हैं। इसलिए किसानों ने सरकार के खिलाफ मोर्चा खोला है। कहा कि एकतरफ सरकार दावा करती है कि किसानों का न्यूनतम समर्थन मूल्य में धान खरीदा जाएगा। लेकिन अभी तक धान खरीद शुरू नहीं हो सकी है। कहा कि किसानों ने अपने धान को जलाकर रोष जताया है। कहा कि किसानों को प्रति एकड़ 10 से 12 हजार रुपये घाटा हो रहा है।
पंजाब-हरियाणा की तरह आढ़तियों को देना चाहिए लाइसेंस
रुद्रपुर। किसान विक्रमजीत सिंह ने कहा कि पंजाब-हरियाणा में आढ़तियों की ओर से किसानों का धान खरीदा जाता है। इसके चलते आढ़तियों को सरकार ढाई प्रतिशत का कमीशन देती है। उत्तराखंड में राइस मिलर्स को कच्चा आढ़ती मानते हुए सरकार उन्हें लाइसेंस देकर कमीशन दे रही है लेकिन यहां राइस मिलर्स के पास धान खरीद की अन्य सुविधाएं नहीं है। कहा कि प्रदेश में क्रय केंद्र में व्यवस्था तक नहीं है, मंडियों में धान रखने के लिए सुविधाएं तक नहीं है। कहा कि जिले में 50 प्रतिशत धान की कटाई हो चुकी है, जो काफी कम दामों में बेच दिया गया है। संवाद
क्रय केंद्रों में इन मानकों पर खरीदा जाता है धान
नमी प्रतिशत - कटौती किलो में
17 - शून्य किलो
18 - दो किलो
19 - 3.5 किलो
20 - पांच किलो
21 - 6.5 किलो
22 - आठ किलो
23 - 9.5 किलो
24 - 11 किलो
25 - 12.5 किलो
कोट-
राइस मिलर्स व कच्चा आढ़तियों को कोड देने के संबंध में उनके पास अभी तक फाइल नहीं आई है। फाइल आते ही कच्चा आढ़तियों व राइस मिलर्स को कोड जारी किए जाएंगे। -बीएस फिरमाल, आरएफसी कुमाऊं।
टाइम लाइन
12 बजे से किसानों का गल्ला मंडी में धान खरीद को लेकर प्रदर्शन शुरु हुआ।
12:30 बजे किसान गल्ला मंडी से उठकर एनएच-74 के लिए रवाना हुए।
12:42 पर किसान हाईवे की एक लेन में खड़े होकर विरोध करने लगे।
12:43 पर किसानों ने धान के साथ घोल घेरे में बैठकर उसमें आग लगा दी।
12:45 पर एक किसान जले हुए धान में कूदने का प्रयास करने लगा।
12:50 पर किसानों को पुलिस प्रशासन की ओर से आश्वासन मिला, इसके बाद वह हाईवे से किनारे हो गए।
12:54 पर किसान दोबारा गल्ला मंडी में पहुंचकर धरना स्थल पर बैठ गए।
12:58 में किसानों के धरना स्थल में पहुंचकर एडीएम जयभारत सिंह ने उनसे वार्ता की।
1:18 में जिला प्रशासन से आश्वासन मिलने के बाद किसानों ने धरना स्थल से उठकर एडीएम को ज्ञापन सौंपा।
1:20 में किसानों ने गल्ला मंडी से धरना प्रदर्शन को समाप्त कर दिया।
चौकी प्रभारी लाइन हाजिर
एसएसपी मंजूनाथ टीसी ने कहा कि किसानों के प्रदर्शन को देखते हुए आदर्श कालोनी चौकी प्रभारी के नेतृत्व में फोर्स लगाई गई थी। लेकिन फोर्स के बावजूद किसानों ने प्रदर्शन के बाद हाईवे जाम कर दिया। उन्होंने खुद मौके पर जाम खुलवाया। ड्यूटी से नदारद रहने पर आदर्श कालोनी चौकी प्रभारी महेश कांडपाल को लाइन हाजिर किया गया है जबकि बाजार चौकी प्रभारी संदीप शर्मा को स्पष्टीकरण देने के निर्देश दिए गए हैं। ड्यूटी में लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी।