बाजपुर। गांव गजरौला स्थित गुरुद्वारा नानकसर ठाठ में ब्रह्म ज्ञानी बाबा नंद सिंह जी, बाबा ईशर सिंह जी और बाबा कुंदन सिंह जी की याद में सालाना धार्मिक समागम का आयोजन किया गया। इस दौरान रागी जत्थों ने उनके जीवन पर प्रकाश डाला और गुरु महिमा का गुणगान किया। समागम में श्रद्धालुओं की भीड़ उमड़ी रही। गुरु का लंगर अटूट बरता।
रविवार को नानकसर ठाठ गुरुद्वारा साहिब में आयोजित यादगार धार्मिक समागम में भाई इकबाल सिंह, भाई गुरविंदर सिंह, भाई हरपाल सिंह खालसा, भाई अमरजीत सिंह (गालिब खुर्द पंजाब वाले) ने कहा कि श्री गुरु ग्रंथ साहिब की समूची वाणी सत्य का मार्ग बताने के साथ साथ गुरसिख के जीवन को नियमित करने वाली है। एक सच्चे सिख की पहचान उसके आचरण से होती है। समागम में आने से मानव के अंदर अध्यात्म ऊर्जा का संचार होता है। जीवन में सामान्य दिनों से हटकर समागम मेें आकर संगत अपने को धन्य महसूस करती है।
उन्होंने बताया कि बाबा नंद सिंह जी, बाबा ईशर सिंह जी और बाबा कुंदन सिंह जी ने अपना पूरा जीवन श्री गुरु ग्रंथ साहिब की सेवा में ही लगाया है। उन्होंने समाज को एक दिशा दी है। हम सबको उनके मार्ग पर चलना चाहिए। इस दौरान बाबा प्रताप सिंह ने बाहर से आए रागी जत्थों और कथावाचकों को सरोपा देकर सम्मानित किया। मौके पर मुख्य सेवादार बाबा प्रताप सिंह, नत्था सिंह, हरपाल सिंह, गुरमीत सिंह, रवि सिंह, मंगा सिंह, कुलविंदर सिंह, गुरदीप सिंह, अमरीक सिंह आदि थे। (संवाद)
30 प्राणियों ने किया अमृतपान
बाजपुर। गुरुद्वारा नानकसर ठाठ के मुख्य सेवादार बाबा प्रताप सिंह ने बताया कि समागम के दौरान आयोजित अमृत संचार कार्यक्रम मेें 30 प्राणियों को अमृतपान कराया गया। (संवाद)
बाजपुर के नानकसर ठाठ गुरुद्वारा साहिब के समागम में कथा कीर्तन करते रागी जत्थे।- फोटो : BAZPUR
बाजपुर के गजरौला स्थित नानकसर ठाठ गुरुद्वारा साहिब में आयोजित यादगार समागम में संगत।- फोटो : BAZPUR
बाजपुर के गजरौला स्थित गुरुद्वारा नानकसर ठाठ में सजा दीवान।- फोटो : BAZPUR