ग्राम भोगपुर वासियों ने बैसाखी से पूर्व गुरुद्वारे में पाठ कर ग्राम करतारपुर, तुमड़िया डैम के गुरुद्वारे तक नगर कीर्तन निकाला। नगर कीर्तन के साथ चल रहे अखाड़ा के जांबाजों ने अपने करतब दिखाए। शुक्रवार को गुरुग्रंथ साहिब के पाठ के बाद पंज प्यारों के साथ करतारपुर के गुरुद्वारे तक कीर्तन निकाला। ग्रामीणों ने रास्ते भर पुष्प वर्षा कर पंज प्यारों को सरोपे भेंटकर स्वागत किया।
वहां पर आत्मा सिंह, जनरैल सिंह, सतनाम सिंह, गज्जन सिंह, मलूूक सिंह, संतोख सिंह आदि थे। इधर, गदरपुर में महतोष से शुरू हुए नगर कीर्तन का प्रेमनगर, सूरजपुर, मुकंदपुर, हरिपुरा एवं केवलगंज आदि गांवों में भव्य स्वागत किया गया। नगर कीर्तन में पंज प्यारों के अलावा विभिन्न झांकियों, गतका पार्टी, पंजाब से आये पाइप बैंड एवं शबद कीर्तन करने वाले जत्थों ने भाग लिया।
इससे पूर्व ग्राम महतोष में सजाए गये दीवान में रागी जत्था भाई दर्शन सिंह और हरपाल सिंह ने शबद कीर्तन और ग्रंथी भाई सतवीर सिंह ने अरदास करते हुए कीर्तन को रवाना किया। थानाध्यक्ष ललित मोहन जोशी टीम के साथ यातायात व्यवस्था को सुचारु करने में जुटे रहे। वहां पर भाई अनूप सिंह, बाबा अमरीक सिंह, कृपाल सिंह गुंबर, मुख्तयार सिंह, नौनिहाल सिंह, राजेश बजाज, बलकार सिंह, मनजीत सिंह, इकबाल सिंह, महेन्द्र सिंह दूमडा, जरनैल सिंह, बलवीर सिंह, सचिन अरोरा, मोतीलाल, जगतार सिंह, जोगेंद्र सिंह आदि थे।
दिनेशपुर। बैसाखी पर्व के उपलक्ष्य में सिख समाज ने क्षेत्र में भव्य नगर कीर्तन और शोभायात्रा निकाली। इस दौरान गुरुद्वारा माता साहिब कौर में तीन दिनी धार्मिक कार्यक्रम का शुभारंभ हुआ।
शुक्रवार दोपहर गदरपुर के गांव सूरजपुर गुरुद्वारे से गुरुद्वारा बंगला साहिब दिल्ली के सरपरस्त बाबा वचन सिंह, गुरुपंथ के दास बाबा अमरीक सिंह, गुरुद्वारा नानकपुरी टांडा के बाबा गुरुजंट सिंह, गुरुद्वारा नानकमत्ता साहिब के बाबा पंडित नेे अरदास के बाद नगर कीर्तन शोभायात्रा को रवाना किया।
शोभायात्रा में स्कूली बच्चे पंजाब की संस्कृति पर आधारित झांकियां सजाए चल रहे थे। वहीं, गतका पार्टी के कलाकार भी अपने हैरतअंगेज करतब दिखाते चल रहे थे। शोभायात्रा में हेमकुंड साहिब, अमृतसर साहिब, हरमंदिर साहिब की झांकी आकर्षण का केंद्र रहीं।
शोभायात्रा के बीच में श्री गुरुग्रंथ साहिब की पालकी सजाई गई। नगर कीर्तन चीनी मिल, मुकंदपुर मोड़, के साथ विभिन्न गांव से होते हुए देर शाम को गुरुद्वारा माता साहिब कौर में जाकर समाप्त हुई। वहां कुलवंत सिंह विर्क, भगवंत सिंह, भजन सिंह, हरपाल सिंह चीमा, हजारा सिंह, डॉ. बलवंत सिंह, गुरमुख सिंह, हरजीत सिंह, जोगेंद्र सिंह, आदि थे।