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गाजेबाजे और शोभायात्रा के साथ निकला मां अटरिया का डोला

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रुद्रपुर शहर में धूमधाम से निकाला गया माता का डोला। - फोटो : RUDRAPUR
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रुद्रपुर। कोरोना काल के बीच धूमधाम से डोले में सवार होकर मां मनसा देवी अपने मायके (प्राचीन अटरिया मंदिर शक्तिपीठ) पहुंच ही गईं। प्राचीन अटरिया मंदिर में 21 दिन तक मां मंशा देवी और मां बाल सुंदरी देवी साथ रहेंगी। इसके बाद दोबारा मां मंनसा देवी रंपुरा स्थित अटरिया मंदिर (ससुराल) में पहुंच जाएंगी।
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मंगलवार को रम्पुरा स्थित अटरिया मंदिर से भव्य शोभायात्रा के साथ प्राचीन अटरिया मंदिर शक्तिपीठ में देवी की प्रतिमा स्थापित की गई। प्राचीन अटरिया मंदिर में महंत माता पुष्पा देवी के नेतृत्व में मां अटरिया देवी की विधिवत पूजा अर्चना की गई। इससे पूर्व जयघोषों के बीच अटरिया देवी की प्रतिमा को सुसज्जित डोले में विराजमान किया गया। सुबह करीब साढ़े ग्यारह बजे बैंड बाजों के साथ रम्पुरा से डोला अटरिया मंदिर के लिए रवाना हुआ। इंदिरा चौक, आवास विकास होते हुए शोभा यात्रा अटरिया मंदिर पहुंची।
रास्ते में जगह-जगह श्रद्धालुओं ने माता के डोले पर पुष्पवर्षा की। वहां विधायक राजकुमार ठुकराल, कांग्रेस कार्यकारी जिलाध्यक्ष हिमांशु गाबा, पूर्व पालिकाध्यक्ष मीना शर्मा, अनिल शर्मा सहित अनेक लोग शोभायात्रा में शामिल हुए। श्री अटरिया देवी वैष्णों धर्मसभा के मेला प्रबंधक अरविंद शर्मा ने बताया कि बढ़ते कोरोना संक्रमण को देखते हुए इस बार प्रशासन की ओर से प्राचीन अटरिया मंदिर शक्तिपीठ में मेले के आयोजन की अनुमति नहीं दी गई है। सिर्फ प्रसाद की दुकानें लगाने की अनुमति दी गई है। लेकिन मंदिर परिसर में बच्चों के मुंडन व माता के दर्शन करने के लिए सीमित संख्या में भक्तों को अनुमति दी गई है।
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60 साल से अधिक आयु के भक्तों को दर्शन पर पाबंदी
रुद्रपुर। कोरोना काल में इस बार माता के नन्हे-मुन्ने भक्त व 60 साल से अधिक आयु वर्ग के भक्तों को मंदिर में प्रवेश करने नहीं दिया जाएगा। जिला प्रशासन की ओर से साफ अटरिया मंदिर कमेटी को निर्देश दिए गए हैं कि बीमार व्यक्ति भी मंदिर में प्रवेश नहीं करेगा। (संवाद)
श्री श्री सार्वजनिक बसंती देवी पूजा का हुआ शुभारंभ
दिनेशपुर। महिला समिति की ओर से चैत्र नवरात्र के अवसर पर दुर्गा मंदिर प्रांगण में श्री श्री सार्वजनिक बसंती देवी की पूजा का विधिवत शुभारंभ हो गया। हरिमंदिर के कामना सागर से लाए गए जल से नव पत्रिका को स्नान कराया गया। महिलाओं ने एक दूसरे को सिंदूर भी लगाए। इसके बाद नव पत्रिका को मंदिर प्रांगण में लाकर स्थापित किया गया। मुख्य पुरोहित बनोमाली चक्रवर्ती ने मंगल ध्वनि के बीच सभी देवी देवताओं की प्रतिमा की प्राण प्रतिष्ठा की। वहां पर उषा सरकार, तनु शाह, रुचि राय, उर्मिला राय, प्रमिला मंडल, उषा सीकदार, दुलाल चक्रवर्ती आदि थे।
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