कुमाऊं सांस्कृतिक उत्थान समिति की ओर से शनिवार को नगर में भव्य कलश यात्रा और रंग यात्रा के साथ पांच दिनी उत्तरायणी कौतिक का आगाज हुआ। रंगयात्रा में छोलिया नृत्य के साथ झांकियों से विविध संस्कृति देखने को मिली। पहले दिन लोक गायक राकेश खनवाल ने पहाड़ को ठंडो पानी छोड़नी लागनी.. से तराई में कुमाऊंनी लोक संस्कृति की धूम मचाई।
शनिवार को डिग्री कॉलेज परिसर से एसडीएम विजयनाथ शुुक्ल, कोतवाल योगेश चंद्र उपाध्याय ने सांस्कृतिक रंग यात्रा का शुभारंभ किया। भव्य कलश यात्रा के साथ छोलिया नृत्य, झोड़ा चांचरी, स्कूली बच्चों की विविध सांस्कृतिक झांकियों की धूम रही। इसमें डायनेस्टी माडर्न गुुरुकुल एकेडमी, सरस्वती एकेडमी आदि स्कूलों के बच्चों ने भी हिस्सा लिया। मुख्य चौराहे पर कलाकारों ने छोलिया नृत्य से मनमोहा।
रंगयात्रा तराई बीज विकास निगम मैदान मेला स्थल पर पहुंची, जहां मेले का शुभारंभ कमेटी अध्यक्ष ठाकुर सिंह खाती, मेला प्रभारी वरिष्ठ अधिवक्ता केडी भट्ट, गीता धामी अन्य सदस्यों ने किया। पहले दिन लटेश्वर छोलिया दल, थारू सांस्कृतिक समिति आदि के कलाकारों ने प्रस्तुति दी। लोक गायक प्रह्लाद मेहरा ने त्योले कतु भलो रूप यो पायो छ.., आदि गीतों से मंत्रमुग्ध कर दिया। मेले में लगे स्टालों पर भी लोगों ने खरीदारी की। संचालन भुवन भट्ट, धीरेंद्र भट्ट ने संयुक्त रूप से किया।
इस मौके पर आईडी कोटिया, बीएस मेहता, मोहनी पोखरिया, नवीन कापड़ी, विमला मुडेला, किशन सिंह किन्ना, शांति पांडे, कृष्णा नेगी, घनश्याम सनवाल, अंजू भट्ट, गंगा मुडेला, नर सिंह कुंवर, जगत सिंह मार्कंडेय आदि मौजूद रहे।