कारों में लैपटॉप रखकर सीएससी सेंटर चलाने की मिली थी शिकायत
रुद्रपुर। एआरटीओ कार्यालय से सटी सड़कों पर निजी कारों में लैपटाॅप, कंप्यूटर रखकर अनधिकृत रूप से सीएससी सेंटर चलाने वाले सात लोगों को चिह्नित करते हुए एआरटीओ प्रशासन ने नोटिस जारी किया है। इस धंधे में लगे वाहनों को ब्लैक लिस्ट करने की चेतावनी दी है।
एआरटीओ प्रशासन मोहित कोठारी ने बताया कि कुछ सीएससी सेंटर संचालकों की ओर से कार्यालय परिसर से सटी सड़कों के किनारे कारों पर लैपटॉप, कंप्यूटर रखकर अवैध रूप से सीएससी सेंटर संचालित करने की शिकायत की गई थी। कहा कि निजी कारों का व्यावसायिक उपयोग नहीं किया जा सकता है। इस पर सात निजी कार स्वामियों को नोटिस जारी कर जवाब मांगा था।
एक कार संचालक ने नोटिस के प्रतिउत्तर में शपथपत्र देकर भविष्य में निजी कार में व्यवसायिक कार्य न करने की बात कही है। अन्य कार स्वामियों का जवाब नहीं मिला है। बताया कि इस पर लगातार नजर रखी जा रही है। कार्यालय के बाहर की सड़कों पर कारों में व्यावसायिक काम होते मिला तो वाहन को काली सूची में डाल दिया जाएगा।
असल काम बिचौलिये का
रुद्रपुर। एआरटीओ कार्यालय के बाहर से गुजरने वाली सड़क के साथ ही डीएफओ कार्यालय, विकास भवन की ओर जाने वाली सड़क के किनारे हर समय कारों का जमावड़ा रहता है। इन कारों में एआरटीओ कार्यालय संबंधी कार्य होने की चर्चा आम है। यानि कि निजी कारों के भीतर लैपटॉप आदि रखकर बिचौलिये का काम किया जाता है। साफ है कि बगैर एआरटीओ कार्यालय के कर्मियों की मिलीभगत से यह धंधा नहीं चल सकता। बहरहाल बीते अप्रैल में ही कार्यभार ग्रहण करने वाले एआरटीओ (प्रशासन) की कार्रवाई से सड़क पर कारों का जमावड़ा लगाने वाले लोगों में हड़कंप मचा हुआ है। नोटिस का ही असर है कि कार्यालय से सटी सड़कों पर से कारों का जमावड़ा कम हुआ है। संवाद
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