पुलिस हिरासत में हुई मौत के बाद आक्रोशित ग्रामीणों के सब्र का बांध एक बार तो टूट ही गया। कोतवाली में बनी झोपड़ी में जो बोले सो निहाल के नारों के बीच फेंकी गई एक ईंट के बाद मौके पर अफरातफरी मच गई। बस फिर क्या था कुछ आक्रोशित लोग हाथों में ईंट और पत्थर लेकर हाइवे की ओर जाने लगे। इसका पता चलते ही एसडीएम और कुछ पुलिस अधिकारियों ने हाइवे की ओर जा रहे लोगों को रोककर समझाकर उन्हें शांत कराया।
मंगलवार दोपहर पुलिस हिरासत में जसविंदर सिंह की मौत के मामले में आरोपी पुलिस कर्मियों के खिलाफ कार्रवाई की मांग को लेकर ग्रामीण कोतवाली में हंगामा काट रहे थे। इसी बीच कोतवाली में ही बनी एक झोपड़ी में डीएम और एसएसपी के अलावा कई जनप्रतिनिधि बैठे हुए थे। तभी वहां पर जो बोले सो निहाल के नारे लगाते हुए एक ईंट किसी ने झोपड़ी में फेंक दी। यह देखते ही लोगों में अफरातफरी मच गई। लोग इस डर से की पुलिस कोई कार्रवाई तो नहीं करेगी, कोतवाली से बाहर की ओर भागने लगे। इस भगदड़ में किसी तरह की घटना न घटे, इसके लिए पुलिस कर्मियों ने कुछ लोगों को समझाकर वापस कोतवाली परिसर में तो बुलवा लिया, लेकिन कुछ युवक हाथों में ईंट और पत्थर लिए हुए हाइवे की ओर जाने लगे। माहौल और खराब न हो, इसके लिए डीएम डा. पंकज पांडेय और एसएसपी नीलेश आनंद भरणे के निर्देश पर उन्हें रोकने के लिए एसडीएम विजय कुमार और सीओ बाजपुर राजीव मोहन भी लोगाें के पीछे-पीछे कोतवाली से बाहर आ गए। बाहर कुछ लोगों के हाथों में ईंट पत्थर देखकर उन्होंने उन्हें रोका और समझाया। काफी देर तक समझाने के बाद वे लोग माने और हाथों में लिए ईंट और पत्थर फेंककर कोतवाली परिसर में आ गए।