सिडकुल की बालाजी एक्शन बिल्डवेल कंपनी में ऑपरेटर की लापरवाही से सफाई में लगे दो श्रमिक चीपर मशीन की चपेट में आ गए। हादसे में एक श्रमिक की मौत हो गई, जबकि दूसरा गंभीर रूप से घायल हो गया। उसे नगर के निजी अस्पताल में भर्ती कराया गया। पुलिस ने शव को कब्जे में ले लिया। साथी श्रमिक की मौत से गुस्साए श्रमिकों ने परिजनों के साथ अस्पताल में प्रदर्शन कर मृतक के परिवार को मुआवजे की मांग की। आरोप लगाया कि कंपनी में सुरक्षा उपकरण नहीं होने से श्रमिकों की जान को खतरा बना रहता है।
सिडकुल में बालाजी एक्शन बिल्डवेल कंपनी प्लाइवुड का उत्पादन करती है। मंगलवार दोपहर भोजन के बाद करीब 2:30 बजे श्रमिक काम पर लगे थे। ग्राम भंगा थाना सुनगढ़ी जिला पीलीभीत (यूपी) निवासी जयपाल (35) पुत्र शिवचरण और निसरा बरात बोझ थाना जहानाबाद जिला पीलीभीत निवासी राजेंद्र कुमार (37) पुत्र नत्थूलाल चीपर मशीन की सफाई कर रहे थे। इसी बीच ऑपरेटर ने गलती से मशीन चालू कर दी और जयपाल और राजेंद्र मशीन की चपेट में आ गए।
हादसे में जयपाल के दोनों पैर कट गए, जबकि राजेंद्र गंभीर रूप से घायल हो गया। घटना से फैक्ट्री में खलबली मच गई। प्रबंधन के अधिकारी उमेश त्यागी और अन्य कर्मचारी दोनों को सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र लेकर आए। यहां डॉक्टर ने जयपाल को मृत घोषित कर दिया, जबकि राजेंद्र की गंभीर हालत होने पर उसे नगर के निजी अस्पताल में दाखिल कराया गया।
मृतक जयपाल और उसके गांव के दो-तीन अन्य साथी और राजेंद्र चार दिन पहले ही इस फैक्ट्री में ठेकेदार के माध्यम से काम पर लगे थे। वे लोग उकरौली गांव में किराए के मकान पर रहते हैं। सूचना पर कोतवाल योगेश चंद्र उपाध्याय मय पुलिस बल के फैक्ट्री पहुंचे और मामले की जानकारी लेने के बाद सीएचसी आकर शव को पोस्टमार्टम के लिए खटीमा भिजवाया। कोतवाल ने बताया कि घटना में लापरवाही किसकी है और हादसा कैसे हुआ, इन सभी पहलुओं पर जांच की जा रही है। परिवार की ओर से तहरीर आती है तो मुकदमा दर्ज किया जाएगा। बता दें कि मृतक जयपाल तीन भाइयों में सबसे छोटा था। बड़ा भाई सिडकुल की ही एक अन्य फैक्ट्री में काम करता है। जयपाल अपने पीछे पत्नी गंगादेई, बेटी सुनीता (12) और बेटे जोगेंद्र कुमार (10) को छोड़ गया है।
मृतक के परिवार को उचित मुआवजा दिया जाएगा। घायल के इलाज का खर्च कंपनी उठाएगी। फैक्ट्री में बाल श्रम कैसे हो रहा है, इसकी जांच कराई जाएगी। साथ ही यह भी पता लगाया जाएगा कि किसके द्वारा बाल श्रमिक को नौकरी पर रखा गया।
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वीके अग्रवाल, वरिष्ठ महाप्रबंधक, बालाजी एक्शन बिल्डवेल कंपनी, सितारगंज।
बाल-बाल बचा बाल श्रमिक
जिस फैक्ट्री में हादसा हुआ उसमें ठेकेदार के माध्यम से भंगा मोहम्मदगंज थाना सुनगढ़ी जिला पीलीभीत के राकेश कुमार का 15 वर्षीय बेटा विकास कुमार भी साफ-सफाई का काम करता है। चार दिन पहले ही पिता-पुत्र कंपनी में काम पर लगे थे। विकास भी चीपर मशीन की सफाई में लगा था, लेकिन जैसे ही मशीन चालू हुई तो उसने मशीन के पटले से छलांग लगा दी और बाल-बाल बच गया। राकेश ने बताया कि विकास गांव के ही सरकारी स्कूल में कक्षा नवीं का छात्र हैं। सर्दियों की छुट्टियों पर यहां आ गया तो फैक्ट्री में काम करने लगा। ब्यूरो
बाल श्रम कैसे हो रहा है
18 वर्ष से कम आयु के लोगों का फैक्ट्री में प्रवेश वर्जित है! इस तरह की चेतावनी फैक्ट्रियों के मुख्य द्वार पर लगी दिखती है, लेकिन बालाजी एक्शन कंपनी में हादसे के बाद सामने आए बाल श्रमिक ने सारे दावों की पोल खोल के रख दी है। इस संबंध में सहायक श्रमायुक्त उम्मेद सिंह चौहान ने जांच कराने की बात कही। उन्होंने कहा कि श्रम कानून के नियमों का उल्लंघन किसी हाल बर्दास्त नहीं किया जाएगा। लेबर इंस्पेक्टर के माध्यम से जांच कराई जाएगी, जिसके बाद आगे की कार्रवाई की जाएगी।
फैक्ट्री में पहले भी हुआ है हादसा
बालाजी एक्शन बिल्डवेल कंपनी में इससे पूर्व हादसा हो चुका है। श्रमिकों के मुताबिक कंपनी में मशीनों पर काम करने के दौरान सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम नहीं किए जाते हैं। इससे आए दिन श्रमिक या तो अपने हाथ-पैर का कोई अंग गंवा देते हैं या फिर उन्हें जान से ही हाथ धोना पड़ता है। करीब डेढ़ साल पहले भी एक श्रमिक की ड्यूटी के दौरान मशीन की चपेट में आकर मौत हो चुकी है, लेकिन प्रबंधन वर्ग हादसों दर हादसों के बाद भी कोई सबक नहीं लेता।