बानूसी गांव में संदिग्ध परिस्थितियों में मृत मिले मान सिंह धामी की मौत का खुलासा न होने से आक्रोशित ग्रामीणों ने कोतवाली में प्रदर्शन किया। पुलिस ने ग्रामीणों को समझाते हुए एक घटना के खुलासे के लिए एक सप्ताह का समय मांगा है।
मान सिंह की मौत के मामले में मृतक के पिता प्रताप सिंह ने दो अज्ञात के अलावा दीपक सामंत, शशांक बिष्ट, बार एसो. अध्यक्ष हरीश बिष्ट के खिलाफ शक के आधार पर 302 का मुकदमा पंजीकृत किया है।
घटना के चार दिन बाद भी अब तक मामले में पुलिस के हाथ सुराग नहीं लगने से गुस्साए परिजनों ने ग्रामीणों के साथ सोमवार को कोतवाली में प्रदर्शन किया। ग्रामीणों में रोष था कि घटना के चार दिन बाद भी पुलिस अब तक किसी नतीजे पर नहीं पहुंच पाई है। एएसपी देवेंद्र पींचा ने कहा कि अब तक दो लोगों से हुई पूछताछ में एक व्यक्ति 8:30 बजे तो दूसरा 10:30 बजे मान सिंह का उनके पास से जाना बता रहा है। उन्होंने ग्रामीणों से एक सप्ताह का समय मांगा, जिस पर ग्रामीण शांत हुए।
इस दौरान युवक कांग्रेस के प्रदेश अध्यक्ष भुवन कापड़ी, ठाकुर सिंह जिमवाल, कुंवर सिंह खनका, आनंद जेठी, प्रहलाद बोरा, बॉबी राठौर, नवीन जोशी, दीपक चंद सहित आदि थे। इधर, विधायक पुष्कर सिंह धामी ने भी पुलिस को मामले में निष्पक्ष जांच करने को कहा।
पुलिस पर बिना वजह का दबाव बनाने के लिए धरना-प्रदर्शन न किया जाए। यदि मृतक के परिजनों को पुलिस पर विश्वास नहीं है तो वह किसी अन्य एजेंसी से जांच कराने के लिए स्वतंत्र हैं। मामले में अब तक जिनका नाम आया है, उनके खिलाफ कोई ठोस सबूत नहीं मिला है। मामले के खुलासे के लिए पांच टीमें गठित की गई हैं। पुलिस अपना काम कर रही है।
- डॉ. सदानंद दाते, एसएसपी, ऊधमसिंह नगर।
न्यायिक कार्यों से विरत रहे अधिवक्ता
खटीमा/रुद्रपुर। मान सिंह कांड में बार एसोसिएशन अध्यक्ष हरीश बिष्ट और उनके पुत्र शशांक बिष्ट पर दर्ज मुकदमे के विरोध में सोमवार को खटीमा और रुद्रपुर के अधिवक्ता न्यायिक कार्यों से विरत रहे और न्यायालय परिसर में धरन दिया। वक्ताओं ने दर्ज मुकदमों के पीछे भूमाफिया की साजिश बताई। साथ ही दबी जुबान में अधिवक्ताओं ने पूरे प्रकरण में एक अधिवक्ता का हाथ होने की बात भी कही। धरना देने वालों में स्नेह प्रभा, मो. रजा, एचएस बोहरा, एचएस कुंवर, राम वचन आदि थे। इधर, रुद्रपुर में जिला न्यायालय में धरना देने वालों में एसो. के अध्यक्ष खड़क सिंह विर्क, सचिव सूरज सक्सेना, सोहन सिंह, पावेल कठायत, अभय सोलंकी आदि थे।