वन विभाग और एसटीएफ के संयुक्त टीम ने तेंदुए की तीन खालों समेत दो तस्कर गिरफ्तार किए हैं। वे पठानकोट के किसी व्यापारी को खाल बेचने की फिराक में थे। उनके विरुद्घ वन्य जीव जंतु संरक्षण अधिनियम-1972 के तहत मुकदमा दर्ज कर लिया गया है।
वन विभाग और एसटीएफ को मुखबिर से सूचना मिली कि दो तस्कर नगरा तराई की ओर से आ रहे हैं। उनके पास तेंदुए की खालें हैं। सूचना पर एसडीओ वन बाबूलाल, वन क्षेत्राधिकारी राजेंद्र सिंह मनराल और एसटीएफ के लोगों ने लोहियाहेड रोड पर जाल बिछा दिया। रविवार दोपहर तीन बजे खटीमा फाइबर्स कारखाने से 400 मीटर आगे टीम वाहन चेकिंग कर रही थी। इसी बीच बुलेट (यूके04यू 9161) से दो लोग आते दिखायी दिए।
- एसटीएफ और वन विभाग की संयुक्त कार्रवाई में मिली सफलता
- पठानकोट के किसी व्यापारी से हुई थी सात लाख में खालों की डील
बाइक सवारों को रोकने पर वे बाइक छोड़कर भागने लगे, जिन्हें वन कर्मियों और एसटीएफ के जवानों ने दबोच लिया। बाइक अशोक फार्म खटीमा निवासी दलजीत सिंह ग्रेवाल चला रहा था और मीना बजारा बनबसा निवासी शेखर वर्मा पीछे बैठा था। उनके पास दो बैगों में तीन तेंदुओं की खालें बरामद की गईं। खाले तीन माह पुरानी हैं। दो खाल नर तेंदुए की और एक मादा की है।
एक खाल की लंबाई 1.83 मीटर व मध्य भाग में चौड़ाई 0.46 मीटर, दूसरी की लंबाई 2.50 मीटर व चौड़ाई मध्यम भाग में 0.44 मीटर, तीसरी की लंबाई 2.07 मीटर व मध्यम भाग में चौड़ाई 0. 68 मीटर है। दो खालों में नाखून भी हैं। पूछताछ में तस्करों ने बताया कि वे नेपाल से खाल लेकर आ रहे थे। उन्होंने पठानकोट के किसी व्यापारी से तीनों खालों का सात लाख रुपये में सौदा तय किया था।
तस्करों को दबोचने वाली टीम में वन विभाग से संतोष सिंह भंडारी, गजेंद्र चंद, मिथिलेश कुमार, एसटीएफ के महेंद्र गिरी, किशोर कुमार, केपी टम्टा, गोविंद आदि थे।