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नेपाल से हो रही वन्य जीवों के अंगों की तस्करी

Mon, 10 Jul 2017 11:33 AM IST
प्रवीन कोहली/अमर उजाला ब्यूरो, ऊध्ामसिंह नगर
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क्राइम - फोटो : अमर उजाला
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तराई पूर्वी वन प्रभाग की खटीमा वन रेंज में वन्य जीवों के अंगों की तस्करी का यह पहला मामला नहीं है। इससे पहले भी बाघ, तेंदुए की खाल और हड्डियों के साथ तस्करों को गिरफ्तार किया गया है, जिसमें गिरफ्तार तस्करों को कोर्ट से सजा और अर्थदंड भी हुआ है। तस्करी के तार नेपाल से जुड़े पाए गए। चार मामलों में तेंदुए और बाघ की मौत की जांच चल रही है।
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खटीमा वन रेंज के रिकार्ड के अनुसार 10 अगस्त 2004 को बनबसा झोपड़पट्टी से बाघ की खाल के साथ तोताराम को गिरफ्तार किया गया, जिसे कोर्ट से तीन वर्ष का कारावास, दस हजार रुपए का अर्थदंड हुआ है। 22 फरवरी 2005 को उत्तरी बनबसा कंपाट सात में अभियुक्त नारायण सिंह बोरा से बाघ की 54 हड्डियां बरामद की गयी। आरोपी को तीन वर्ष का कारावास व दस हजार रुपए अर्थ दंड की सजा हुई। 

17 अक्टूबर 2006 को एसएसबी चैक पोस्ट बनबसा से साधवी गंगागिरी से गुलदार की खाल बरामद की गयी इस मामले में वाद अभी न्यायालय में चल रहा है। 13 दिसंबर 2012 को बनबसा फागपुर गेट से आरोपी नरेंद्र सिंह रावत से तेंदुए की खाल बरामद की गयी। यह मामला अभी न्यायालय में विचाराधीन है। 12 अप्रैल 2013 को छीनी कंपाट नंबर 14 से आरोपी नरेश श्रीवास्तव से बाघ की हड्डियां बरामद की गयी। यह मामला अभी न्यायालय में विचाराधीन है। जनवरी 2017 में गुलदार की तीन खालों के साथ गौलापुल से दो आरोपी गिरफ्तार किए गए। 
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चार अन्य मामलों में तेंदुए व बाघ की मौत के मामले हैं। जिसमें बनबसा छावनी में तारबाड़ में फसंकर तेंदुए की मौत, बनबसा कंपाट दो में नर तेंदुए का मृत पाया जाना, नखाताल कंपाट नंबर दो में नर बाघ का मृत पाया जाना, उत्तरी बनबसा कंपाट नंबर पांच में रेलवे लाइन से नर तेंदुए की ट्रेन से कटकर हुई मौत का मामला है।
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