कूट रचित रॉयल्टी से खनन सामग्री परिवहन करने के मामले में कुंडेश्वरी चौकी पुलिस ने दो व्यक्तियों को गिरफ्तार किया है। पुलिस ने रेत से लदी ट्रैक्टर-ट्रॉली सीज कर दी है। गिरफ्तार आरोपियों को कोर्ट में पेश कर जेल भेज दिया गया है।
चौकी पर तैनात एसआई जावेद मलिक पुलिस बुधवार रात करीब 10 बजे टीम के साथ गश्त पर थे। चैती चौराहे पर टीम ने ट्रैक्टर-ट्रॉली संख्या (यूके08 सीए/ 1068) को चेक किया तो उसमें रेत लदी थी। इस रेत का भार लगभग 70 क्विंटल पाया गया। ट्रैक्टर चालक से कागजात मांगने पर उसने माल परिवहन के संबंध में एक रॉयल्टी प्रस्तुत की।
रॉयल्टी पर अंकित वाहन का नंबर मौके पर पाई गई ट्रैक्टर-ट्रॉली के नंबर से भिन्न पाया गया। रॉयल्टी पर अंकित फार्म नंबर आईजे 00883001089 को ऑनलाइन चेक किया गया तो उक्त फार्म पर 27 फरवरी 2019 को खनन सामग्री का परिवहन होना पाया गया। रॉयल्टी में दर्शाये गए बिल के अनुसार रेत की सप्लाई मैसर्स तराई टाइल्स को किए जाना अंकित किया गया है।
इस पर पुलिस ने फर्जी रॉयल्टी पर खनन सामग्री परिवहन करने के दोनों आरोपियों ग्राम फसियापुरा निवासी महेंद्र और ग्राम खड़कपुर देवीपुरा निवासी पंकज को गिरफ्तार किया है। एसआई की तहरीर पर दोनों आरोपियों पर धारा 467, 468, 474, 379/411 के तहत मुकदमा दर्ज किया गया है। पूछताछ में दोनों आरोपियों ने कूटरचित रॉयल्टी तैयार करने में एक स्टोन क्रशर के कर्मियों की मिलीभगत होना बताया।
कूटरचित रॉयल्टी पर खपाया जा रहा है स्टोन क्रशरों में डंप अवैध माल
काशीपुर। स्टोन क्रशरों पर अवैध रूप से एकत्र किया जा रहा आरबीएम फिल्टर करने के बाद फर्जी रॉयल्टी पर खपाया जा रहा है। इसके लिए बाकायदा कूटरचित रॉयल्टी तैयार की जा रही है। कोसी नदी के आसपास दर्जनों क्रशर चल रहे हैं। इनमें से अधिकतर में अवैध रूप से आरबीएम एकत्र किया जा रहा है। क्रशर के कर्मियों की मिलीभगत से एक गैंग कूटरचित रॉयल्टी तैयार कर रहा है। फर्जी रॉयल्टी पर होने वाली राजस्व कर की चोरी का बंटवारा क्रशर संचालकों और माल खरीदने वालों के मध्य हो रहा है। प्रशासन की सुस्ती के कारण चेकिंग के दौरान फर्जी रॉयल्टी पर खनन सामग्री परिवहन किए जाने के गिने चुने मामले ही पकड़ में आए हैं। फर्जी रॉयल्टी पर अक्सर उस क्रशर का नाम नहीं होता जहां से खनन सामग्री लाई जाती है। पूर्व में पकड़े गए वाहन से मिली रॉयल्टी पर मुरलीवाला क्रशर का नाम अंकित था। जबकि जांच में माल की सप्लाई किसी दूसरे क्रशर से किए जाने की बात सामने आई थी। एएसपी डॉ. जगदीश चंद्र ने बताया कि पुलिस इस बात की जानकारी जुटाने का प्रयास कर रही है कि फर्जी रॉयल्टी तैयार करने वाले कौन लोग हैं और इसमें किन क्रशरों की भूमिका है।
दो क्रशरों पर कार्रवाई की तलवार, जिला प्रशासन को भेजा पत्र
रुद्रपुर। फर्जी रॉयल्टी और बिना रॉयल्टी के क्रशरों से उपखनिज खपाने के मामले पकड़े जाने के बाद पुलिस ने सरकार को राजस्व का नुकसान पहुंचाने वाले क्रशरों पर शिकंजा कसना शुरू कर दिया है। फर्जी रॉयल्टी केे दो मामलों में पुलिस ने बिना रॉयल्टी माल देने वाले दो स्टोन क्रशरों पर कार्यवाही के लिए एसएसपी के माध्यम से डीएम को पत्र भेजा है। फर्जी रॉयल्टी के मामले में क्रशरों की भूमिका भी जांची जा रही है। इसके अलावा बिना रॉयल्टी, फर्जी रॉयल्टी और ओवरलोडिंग के मामले पकड़े जाने पर पुलिस उपखनिज मुहैया कराने वाले क्रशरों पर कार्रवाई के लिए जिला प्रशासन को पत्र भेजेगी।
दरअसल पुलिस ने फर्जी रॉयल्टी के दो मामले हाल ही में पकड़े हैं। इनमें आठ आरोपियों को जेल भेजा गया जबकि फर्जी रॉयल्टी मुहैया कराने वाले दो आरोपी पुलिस की पकड़ से बाहर हैं। चोरी का माल पकड़े जाने के बावजूद कार्रवाई की जद से क्रशर बाहर रहते हैं। कार्रवाई के लपेटे में ट्रांसपोर्टर ही आता है लेकिन पुलिस अब बिना रॉयल्टी उपखनिज देने वाले क्रशरों पर शिकंजा कसने की तैयारी कर रही है। फर्जी रॉयल्टी के मामलों में वाहनों को बिना रॉयल्टी माल देने वाले क्रशरों पर कार्रवाई की तैयारी की जा रही है। एएसपी काशीपुर डॉ. जगदीश चंद्र ने बताया कि फर्जी रॉयल्टी के मामलों में पाया गया है कि बिना रॉयल्टी का माल ओमकार स्टोन क्रशर बाजपुर और मॉडर्न स्टोन क्रशर ढकिया (कुंडेश्वरी) से दिया गया था। चूंकि खनन नियमावली और इससे जुड़े अन्य अधिनियमों में कार्यवाही पुलिस नहीं कर सकती है, लिहाजा दोनों क्रशरों पर सक्षम विभाग की ओर से कार्रवाई करने के लिए थानों से डीएम को पत्र लिखा गया है। इस पत्र को एसएसपी के माध्यम से भेजा जा रहा है। बताया कि अब कोई वाहन बिना रॉयल्टी, फर्जी रॉयल्टी या ओवरलोडिंग में पकड़ा जाता है तो उसे बिना रॉयल्टी माल देने पर संबंधित क्रशरों पर कार्रवाई के लिए डीएम को पत्र भेजा जाएगा।