काशीपुर में सिंचाई खंड कार्यालय में टीडीएस सर्वे में करीब दो करोड़ रुपये की गड़बड़ी सामने आई है। पड़ताल पूरी होने पर सहायक आयकर आयुक्त (टीडीएस) की तहरीर पर सिंचाई विभाग के अधिशासी अभियंता/आहरण वितरण अधिकारी और लेखा अधिकारी के खिलाफ धोखाधड़ी का मुकदमा दर्ज कराया गया है।
बीती 18 फरवरी को टीडीएस विंग की अपर आयुक्त सुमोना सेन के निर्देश पर सहायक आयकर आयुक्त (टीडीएस) अमनदीप कौर के नेतृत्व में आठ सदस्यीय टीम ने सिंचाई विभाग के खंड कार्यालय में सर्वे किया था। टीम ने विकास कार्यों के भुगतान में ठेकेदारों और विभागीय कर्मियों के वेतन से टीडीएस काटने और उक्त राशि को जमा कराने के संबंध में दस्तावेजों की जांच की। ठेकेदारों से भुगतान राशि से दो प्रतिशत कटौती की जाती है, जबकि कर्मियों से टीडीएस उनकी आय के स्लैब के अनुसार काटा जाता है।
विभाग ने टीडीएस की ई-फाइलिंग के लिए रुद्रपुर की समृद्धि फाइनेंशियल सर्विसेज से अनुबंध किया था। छापे के दौरान टीम टीडीएस से संबंधित दस्तावेज कब्जे में लेकर जांच के लिए साथ ले गई थी। पड़ताल के दौरान टीडीएस संबंधी अभिलेखों में कपटपूर्ण संशोधन करने का मामला और टीडीएस कटौती का 1.90 करोड़ रुपये का घपला पकड़ में आया था। ब्याज के साथ यह राशि दो करोड़ रुपये मानी जा रही है। जांच में पता चला कि विभाग ने टीडीएस नियमानुसार काटा, लेकिन आयकर विभाग में जमा नहीं कराया गया। जांच पूरी होने के बाद सहायक आयकर आयुक्त (टीडीएस) अमनदीप कौर ने इस संबंध में जनपद ऊधमसिंह नगर के एसएसपी को शिकायत दर्ज कराई। एसएसपी के निर्देश पर बुधवार को कोतवाली में सिंचाई खंड के ईई और लेखाधिकारी के खिलाफ धोखाधड़ी का मुकदमा दर्ज कर लिया गया है।